हैदराबाद। मुंबई इंडियंस ने रविवार को आईपीएल फाइनल में राइजिंग पुणे सुपरजायंट को 1 रन से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। मुंबई ने रिकॉर्ड तीसरी बार यह खिताब हासिल किया। मुंबई यह कारनामा करने वाली पहली टीम बन गई। मुंबई के 129/8 के जवाब में पुणे 6 विकेट पर 128 रन ही बना पाई। मुंबई की पारी में नाबाद 47 रन बनाने वाले कृणाल पांड्‍या को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने विजेता मुंबई टीम के कप्तान रोहित शर्मा को 15 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने उपविजेता पुणे टीम के कप्तान को 10 करोड़ का चेक प्रदान किया।

जसप्रीत बुमराह ने पुणे को पहला झटका दिया जब उन्होंने राहुल त्रिपाठी (3) को एलबीडब्ल्यू किया। पुणे मुश्किल में आ जाता यदि कृणाल पांड्‍या ने लसित मलिंगा की गेंद पर अजिंक्य रहाणे का आसान कैच नहीं छोड़ा होता, उस वक्त रहाणे 14 रनों पर थे और पुणे का स्कोर 23 रन था। रहाणे 44 रन बनाने के बाद जॉनसन की गेंद पर पोलार्ड के खूबसूरत कैच पर आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों में 5 चौकों की मदद से ये रन बनाए।

पुणे को अंतिम तीन अोवरों में जीत के लिए 30 रन चाहिए थे जबकि उसके 7 विकेट शेष थे, लेकिन मलिंगा ने 18वें अोवर में मात्र 7 रन दिए। जसप्रीत बुमराह के अगले अोवर में 12 रन बने और पुणे को अंतिम अोवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। मिचेल जॉनसन ने लगातार दो गेंदों पर मनोज तिवारी (7) और स्टीव स्मिथ (51) को आउट कर मैच का रूख अपनी टीम की तरफ मोड़ा। स्मिथ ने 50 गेंदों पर 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 51 रन बनाए। पुणे को अंतिम गेंद पर जीत के लिए 4 रन चाहिए थे, लेकिन डेनियल क्रिस्टिन 2 रन बनाकर रन आउट हो गए। जॉनसन ने 26 पर 3 और बुमराह ने 26 रनों पर 2 विकेट लिए।

इसके पूर्व मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस खिताबी मुकाबले के लिए दोनों टीमों में कोई बदलाव नहीं किया गया। उनादकट ने तीसरे अोवर की पहली ऑफकटर गेंद पर पार्थिव पटेल (4) को मिडऑन पर शार्दुल ठाकुर के हाथों झिलवाया। उनादकट ने इसी अोवर में लेंडल सिमंस (3) का डाइव लगाकर शानदार रिटर्न कैच लपका। मुंबई 8 रनों पर 2 विकेट गंवाकर मुश्किल में आ गया।

मुंबई का स्कोर अभी 41 तक ही पहुंचा था कि रायुडू (12) पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ के सीधे थ्रो पर रन आउट हुए। इसके बाद एडम जाम्पा ने एक ओवर में मुंबई को दो करारे झटके देते हुए रोहित शर्मा और किरोन पोलार्ड को पैवेलियन भेजा। रोहित (24) ने उनकी गेंद पर मिडविकेट बाउंड्री पर ठाकुर को कैच थमाया। ‍पोलार्ड ने उनकी गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन लालच में आकर फिर लंबा शॉट लगाने के चक्कर में कैच आउट हुए। मुंबई मुश्किल में थी, लेकिन कृणाल ने जुझारू पारी खेलकर स्कोर को सम्मानजनक बनाया। वे 37 गेंदों में 3 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 47 रन बनाकर नाबाद रहे। जयदेव उनादकटे, एडम जाम्पा, डेन क्रिस्टियन ने 2-2 विकेट लिए। सुंदर को कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने मात्र 13 रन दिए।

व्यक्तिगत पुरस्कार :

ऑरेंज कैप : डेविड वॉर्नर (सनराइजर्स हैदराबाद)

पर्पल कैप : भुवनेश्वर कुमार (सनराइजर्स हैदराबाद)

मोस्ट वेल्यूएबल प्लेयर : बेन स्टोक्स (राइजिंग पुणे सुपरजायंट)

बेस्ट कैच ऑफ द टूर्नामेंट : सुरेश रैना (गुजरात लॉयंस)

बेस्ट इमर्जिंग प्लेयर : बेसिल थम्पी (गुजरात लॉयंस)

मोस्ट सिक्सेस अवॉर्ड : ग्लेन मैक्सवेल (किंग्स इलेवन पंजाब)

मोस्ट स्टाइलिश प्लेयर : गौतम गंभीर (कोलकाता नाइटराइडर्स)

ब्यूटीफल शॉट ऑफ द टूर्नामेंट : युवराज सिंह (सनराइजर्स हैदराबाद)

फास्टेस्ट फिफ्टी अवॉर्ड : सुनील नरेन (कोलकाता नाइटराइडर्स)