बुध ग्रह और कैरियर

जिन लोगों की कुंडली में बुध उच्च का और शुभ स्थिति में बली होकर स्थित हो तथा लग्न से संबंध बनाता हो तो व्यक्ति एम.बी.ए. करके अपना करियर शुरू करता है. मिथुन राशि एवं कन्या लग्न वालों के लिए एम.बी.ए. जैसी उच्च शिक्षा में करियर बनाना अच्छा रहेगा.

यदि आप ज्योतिष शास्त्र में विश्वास करते हैं तो आप इसके माध्यम से यह जान सकते हैं कि आपका करियर खासकर एम.बी.ए. जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कितना सहायक हो सकता है. एम.बी.ए. के लिए अन्य योग इस प्रकार है, यदि आपकी कुंडली में पंचमेश बुध हो और बुध शुभ स्थानों में, बली हो अथवा सप्तमेश या दशमेश बुध हो और नवमांश में बुध की स्थिति शुभ एवं बली हो तो व्यक्ति की रुचि एम.बी.ए. करने की होती है.

जिनकी कुंडली में दशमेश बुध के नक्षत्र में हो, बुध लग्न, पंचम या नवम भाव में स्थित हो तो व्यक्ति प्रबंधक बन सकता है.

यदि कुंडली में बुध केंद्रेश एवं शुक्र त्रिकोणेश हो और उनमें दृष्टि संबंध युति या राशि परिवर्तन संबंध बन रहा हो तो व्यक्ति एम.बी.ए. की उच्च शिक्षा प्राप्त करके प्रबंधक बनता है.

जन्म कुंडली में यदि बुध के साथ-साथ शनि  व मंगल शुभ एवं योगकारी हो तो व्यक्ति इंजीनियरिंग के बाद एम.बी.ए. कर सकता है.

कुंडली में बुध और गुरु लग्नेश अथवा दश्मेश हों और लग्न, पंचम, नवम या दशम भाव में युती कर रहे हों या राशि परिवर्तन का योग बना रहे हों, तो ऐसे व्यक्ति पहले एम.बी.ए. करते हैं और फिर व्याख्याता बनते हैं.

कुंडली में यदि बुध के साथ शुक्र योगकारक हो तो व्यक्ति होटल मैनेजमैंट तथा मंगल योगकारी शुभ हो तो व्यक्ति अस्पताल प्रबंधन में कोर्स करते हैं.

जिनकी कुंडली में केवल बुध ही बली, शुभ व योगकारक है तथा किसी अन्य ग्रह का प्रभाव नहीं है तो ऐसे व्यक्ति मार्कीटिंग या फाइनांस में एम.बी.ए. करते हैं. बुध लेखन, अध्ययन, वाणी एवं अनुसंधान का कारक भी माना जाता है. यदि कुंडली में उक्त योग हों किंतु करियर बनाते समय किसी शुभ ग्रह की दशा नहीं हो तो व्यक्ति लेखन, अध्ययन रिसर्च अथवा निजी व्यवसाय में जाकर अपना करियर बनाता है.

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