छत्तीसगढ़ के चिन्हित चिकित्सक फ्रांस के प्रसिद्ध विष्वविद्यालय में लेंगे प्रशिक्षण

रायपुर:छत्तीसगढ़ के चिन्हित चिकित्सक फ्रांस के विश्व प्रसिद्ध संस्थान ‘दी यूनियन’ की मदद से वहां के विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण लेंगे। उल्लेखनीय है कि स्वस्थ्य मंत्री श्री अजय चन्द्राकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए फा्रंस और लंदन द्वारा दिये जा रहे सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए दस दिवसीय शैक्षणिक दौर पर गये थे।

फ्रंास के दी यूनियन संस्थान लगभग 100 वर्ष पुरानी संस्था है जो मुख्यतः टी.बी. और फेफड़ों की बीमारी के रोकथाम के लिए विश्व के 140 देशों में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ में भी वर्तमान में यह संस्था राज्य के सात जिलों मे ंटीबी के नियंत्रण के लिए सहायता प्रदान करती है। स्वास्थ्य आयुक्त श्री आर. प्रसन्ना ने आज यहां बताया कि दी यूनियन संस्था छत्तीसगढ़ में टीबी नियंत्रण के लिए राज्य मंें तकनिकी सेवाएं, स्टेट टीबी एवं डिमांश ट्रेशन सेंटर छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण के लिये मानव संसाधन की व्यवस्था के लिए भी सहायता करेंगे। इसके अलावा दी यूनियन संस्था द्वारा टीबी के क्षेत्र में संयुक्त शोध करने के लिये भी विचार किया गया जिसमें फेलोशीप और पी.एच.डी. कोर्सेस करने के लिए प्रदेश के चिकित्सकों को मानिटरी सपोर्ट दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा लेब टेक्नीशयन उपलब्ध कराने एवं आईटी कार्यक्रम के सफल संचालन के  लिये भी प्रस्तावित किया गया जिसमें यूनियन संस्था द्वारा टीम के साथ चर्चा कर प्रस्ताव पर निर्णय लेने की जानकारी दी गई। दी यूनियन की सहयोग से प्रदेश के सात जिलों में अक्षय प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को सभी  27 जिलों में प्रारंभ करने की भी चर्चा की गई।

जिस पर श्री केस्ट्रो ने परीक्षण उपरांत सहायता करने की बात कही। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए तकनीकी सहायता भी उनके द्वारा प्रदाय किया जायेगा। अध्ययन दल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू और स्वास्थ्य आयुक्त श्री आर.प्रसन्ना शािमल थे। इस दौरान श्री चन्द्राकर सहित प्रतिनिधिमण्डल ने दी यूनियन संस्थान के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जोस लुईस केस्ट्रो से सौजन्य मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किये थे।

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