वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने लोगों के प्रति जवाबदेह होने के लिए आईटी विभाग की सराहना की

नई दिल्ली : केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और देश भर में स्थित उसके क्षेत्रीय कार्यालयों ने आज 160वां आयकर दिवस मनाया।

160वें आयकर दिवस के अवसर पर अपने संदेश में वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने करदाता अनुकूल, पारदर्शी कर व्यवस्था तैयार करने और स्वैच्छिक अनुपालन की सुविधा देने की दिशा में आयकर विभाग द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब वह सिर्फ राजस्व संग्रह करने वाला संगठन नहीं है, उसने खुद को नागरिक केन्द्रित संगठन के रूप में बदला है। उन्होंने एक नई, सरल कर व्यवस्था, कारपोरेट कर की दरों में कमी के साथ ही घरेलू विनिर्माण कंपनियों के लिए रियायती दरों पर कर के भुगतान की पेशकश सहित कई सुधारों का उल्लेख किया, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मार्ग प्रशस्त होगा। यह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुरूप भी है।

वित्त मंत्री ने महामारी के इस दौर में विभिन्न अनुपालन आवश्यकताओं में छूट के द्वारा करदाताओं की जरूरतों पर ज्यादा उत्तरदायी होने और करदाताओं की तरलता संबंधी चिंताओं के समाधान की सराहना की। श्रीमती सीतारमण ने भरोसा जाहिर किया कि विभाग न सिर्फ राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाता रहेगा, बल्कि निरंतर सुधार और व्यावसायिकता के नए मानकों की स्थापना की दिशा में प्रयास भी करता रहेगा।

केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने अपने संदेश में कुशल करदाता सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए आयकर विभाग की सराहना की, जिससे विभिन्न विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़े अनुपालन आसान हो गए हैं। श्री ठाकुर ने ई-प्रशासन को प्रोत्साहन देने की दिशा में आयकर विभाग द्वारा किए गए प्रयासों और विवाद से विश्वास अधिनियम के द्वारा मुकदमेबाजी में कमी लाने के लिए विवाद समाधान उपलब्ध कराने पर संतोष प्रकट किया।

श्री ठाकुर ने भी कोविड-19 महामारी से पैदा चुनौतियों से निपटने में प्रक्रियागत आवश्यकताओं में छूट देने और तरलता की चिंताओं को दूर करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाने की सराहना की। साथ ही महामारी के दौरान संकट में फंसे लोगों की सहायता के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत के साथ ही टीम के स्तर पर किए गए कार्यों की तारीफ की। श्री ठाकुर ने उम्मीद जताई कि आयकर विभाग कर प्रशासन को ज्यादा उत्तरदायी बनाने के साथ ही कराधान को सरल बनाने की प्रक्रिया को जारी रखेगा।

वित्त सचिव डॉ. अजय भूषण पांडे ने आयकर विभाग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कर विभाग को प्रवर्तन और सेवा के बीच एक उत्कृष्ट संतुलन कायम करना होता है। उन्होंने डाटा माइनिंग और डाटा एनालिटिक्स जैसे टूल्स के द्वारा प्रवर्तन संबंधी भूमिका से समझौता किए बिना करदाता सेवा केन्द्रित बनने पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से उसकी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आ रही है और फेसलेस जांच, प्रपत्र 26 एएस में सुधार, प्री-फिल्ड रिटर्न आदि नई पहलों के द्वारा विवेकाधीन शक्तियों के उपयोग की संभावनाएं भी खत्म हुई हैं। उन्होंने यह उम्मीद भी जाहिर कि आने वाले महीनों में उसकी करदाता सेवाओं की गति और सुधार इसी तरह बना रहेगा।

सीबीडीटी के चेयरमैन पी. सी. मोदी ने आयकर परिवार के सदस्यों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही महामारी से पैदा चुनौतियों के बीच अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा देखभाल के साथ ही मनोवैज्ञानिक समर्थन देने के लिए कोविड प्रतिक्रिया दल की स्थापना की भी सराहना की। आयकर परिवार के प्रमुख के रूप में उन्होंने करदाताओं के लिए अनुपालन अनुभव में सुधार और अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों को समावेशी, निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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