नई दिल्ली। स्कूली बैग, इंसुलिन, मूवी टिकिट, अगरबत्ती और अचार-मुरब्बा सहित 66 वस्तुएं जीएसटी लागू होने पर सस्ती हो सकती हैं। वस्तु एवं सेवा करकाउंसिल ने रविवार को अपनी 16वीं बैठक में इन वस्तुओं और सेवाओं पर प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कमी करने का फैसला किया।

काउंसिल के इस कदम से आम लोगों के उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स का बोझ कम होगा। काउंसिल ने वस्तु एवं सेवा करकंपोजीशन स्कीम के तहत सालाना कारोबार की प्रस्तावित सीमा 50 लाख रुपये को बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने का फैसला भी किया है। इस छोटे व मध्यम कारोबारी और रेस्टोरेंट्स को बड़ी राहत मिलेगी।

वस्तु एवं सेवा कर काउंसिल के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काउंसिल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्यों और उद्योग जगत सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने 133 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की प्रस्तावित दरों की समीक्षा करने का आग्रह किया था।

इसमें से 66 वस्तुओं व सेवाओं पर प्रस्तावित दरों में संशोधन किया गया है। मसलन, स्कूली बैग पर पहले 28 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर का प्रस्ताव था जिसे अब घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।