विधायक विकास उपाध्याय कैदियों को कोरोना होने की जानकारी के बाद सीधा पहुँचे केंद्रीय जेल, और पूरे परिसर का किया औचक निरीक्षण

विकास ने केंद्रीय जेल की व्यवस्था देख अधीक्षक की तारीफ की

अब कैदियों की जेल जाने के पहले कोरोना टेस्ट होगा तभी अंदर जाने दिया जाएगा।

रायपुर: विधायक एवं गृह विभाग के संसदीय सचिव विकास उपाध्याय केन्द्रीय जेल में कैदियों के बीच संक्रमण की सूचना के बाद आज सीधे जेल जाकर पूरे जेल परिसर का निरीक्षण कर बारीकी से एक-एक बातों का अवलोकन किया। इस दौरान केन्द्रीय जेल के अधीक्षक डाॅ. के.के. गुप्ता पूरे समय विकास उपाध्याय के साथ रहकर एक-एक चीज की जानकारी दी। विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय जेल में निरीक्षण को लेकर जाँच रिपोर्ट विभागीय मंत्री ताम्रध्वज साहू को सौंप कर कई सुझाव भी दिये।

संसदीय सचिव विकास उपाध्याय आदतन हर मौके पर सक्रिय नज़र आते रहे हैं, ऐसे में जब कोरोना को लेकर सभी जगह दहशत का माहौल है, इसका परवाह किये बगैर जब उनके संज्ञान में केन्द्रीय जेल के कैदियों के बीच भी यह संक्रमण पहुंच चुका है की जानकारी आयी, तो वे तत्काल केन्द्रीय जेल पहुंचकर पूरे परिसर का भौंचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि रायपुर केन्द्रीय जेल में कुल 2602 कैदी जिन्हें बड़े गोल में रखा जाता है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन जो सामान्य अपराधी कोरोना काल के बीच जेल में आ रहे हैं,वे संक्रमण के शिकार हो रहे हैं।
विकास उपाध्याय ने आश्चर्य व्यक्त किया कि जेल के संक्रमित सभी कैदी बगैर कोई लक्षण के हैं। ऐसे 90 कैदियों की जेल अधीक्षक द्वारा कोरोना टेस्ट करवाया गया जिसमें 39 कैदी संक्रमित पाये गये तो 2 विभाग के अधिकारी भी संक्रमित पाए गए। इन दो को तो होम कोरेन्टीन में भेज दिया गया है औऱ अन्य कैदियों को जेल में ही तीन बैरक में सर्वसुविधा युक्त अस्पताल के तर्ज पर ईलाज कराया जा रहा है एवं हर प्रकार से इन्हें दवाई एवं अन्य जरूरत की चीजें दी जा रही हैं।

विकास उपाध्याय ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए ये भी बताया कि संक्रमण का सबसे मुख्य कारण प्रदेश भर के जेलों में बन्द बीमार कैदियों को ईलाज कराने रायपुर के इसी केन्द्रीय जेल में ही रखकर मेकाहारा में ईलाज कराया जाता है। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं अपनी जाँच रिपोर्ट में विकास ने बताया जिन कैदियों को इस बीच जेल में लाया जा रहा है, उनका बगैर कोरोना जाँच किये ही उन्हें जेल में रखा जा रहा है, उन्होंने विभागीय मंत्री ताम्रध्वज साहू को इसकी जानकारी देते हुए सूझाव दिया है कि ऐसे कैदियों का पहले कोरोना टेस्ट हो, उसके बाद ही जेल में रखा जाये। साथ ही जिन कैदियों का कोरोना का ईलाज जेल के अन्दर चल रहा है उनके देखभाल के लिये मेडिकल की एक टीम सुबह-शाम प्रति रोज रूटिन में जाँच करे।

विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय जेल प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि डाॅ. के.के. गुप्ता कैदियों को भी सामान्य जीवन बिताने के माहौल में अवसर दे रहे हैं और वो तमाम सुविधाएं कैदियों को भी दे रहे हैं जो आम लोगों को मिलता है। मंत्री ताम्रध्वज साहू से विस्तृत चर्चा के बाद विकास उपाध्याय ने कहा अब जेल जाने के पहले कैदियों की कोरोना जाँच होगी तभी ये जेल के अन्दर जायेंगे।

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