बाजार खुलने के साथ ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए बहुत संभावनाएं बनेंगी : पीयूष गोयल

नई दिल्ली : केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारतीय ऑटोमोटिव उपकरण निर्माता संघ (एसीएमए) से सहयोग और समन्वय तथा प्रतिबद्धता की भावना के साथ काम करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया है।

एसीएमए के आज 60वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑटोमोटिव निर्माताओं ने पिछले कुछ वर्षों में अच्छी तरक्की की है और खुद को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह उद्योग अब भविष्य के लिए तैयार है और कोविड के बाद के समय की दुनिया में फिर से अपना परचम लहराएगा। उन्होंने कहा “ संकट के समय में ही हमारे संगठन का सबसे बेहतरीन पक्ष सामने आता है। व्यापार संवर्धन, प्रौद्योगिकी उन्नयन, गुणवत्ता बढ़ाने, सूचना एकत्र करने और उनके प्रसार के उपायों के माध्यम से एसीएमए इस नई सामान्य स्थिति में सबसे आगे जा सकता है। ”

श्री गोयल ने कहा कि पूरे देश ने दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मानिर्भर भारत के आह्वान को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। उन्होंने कहा कि लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विश्वसनीय भागीदारों की भारी मांग है। “ ऐसे में हम अपने वैश्विक संपर्क का विस्तार करेंगे। हम व्यवसायों का विस्तार करने और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराकर ऐसा विश्वसनीय भागीदार बनने का बड़ा अवसर देखते हैं।”

भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक रुझानों का जिक्र करते हुए श्री गोयल ने कहा “गत महीने रेलवे में हमने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अपने माल परिवहन को 4 प्रतिशत तक बढ़ाया। मौजूदा महीने में यह रुझान और भी बेहतर दिख रहा है। ट्रैक्टरों की बिक्री में सुधार हुआ है, बिक्री के मामले में दोपहिया और तिपहिया वाहन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे हमें साफतौर पर एक बेहतर भविष्य दिखाई दे रहा है। यह हमारे लिए निराशा से बाहर निकलते हुए आशा और विश्वास के साथ आगे बढ़ने का समय है।”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा “हमें कमर कसते हुए उत्पादकता में सुधार लाने और लागत के हर पहलू पर नजर रखते हुए ग्राहकों का पसंदीदा आपूर्तिकर्ता बनने के लिए बेहतर समाधानों की शुरुआत करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि उद्योग अधिक सामर्थ्य और अधिक आकर्षक तरीके अपनाता है तो कोविड के बाद के समय में शुरु होने वाले बाजार कारोबार में एसीएमए के लिए बहुत सारे अवसर खुल सकते हैं। गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालने करने पर उद्योग निश्चित रूप से अधिक निर्यात प्रतिस्पर्धी बन जाएगा। उन्होंने ऑटो उद्योग के वित्तपोषण के लिए नए तरीके ढूंढ़े जाने का आह्वान भी किया।

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