नई दिल्ली: इस्राइल की तीन दिवसीय यात्रा पर पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग मानवता और सहायता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं उन्हें एकजुट होकर आगे आना चाहिए और इनका किसी भी कीमत पर बचाव करना चाहिए. उन्होंने दुनियाभर में महामारी की तरह फैले आतंकवाद, कट्टरपंथ और हिंसा की बुराईयों का दृढ़ संकल्प के साथ विरोध करने का आह्वान किया.

अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर जारी किए गए प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा, ‘येद वाशेम स्मारक, यह कई पीढ़ियों पहले ढहाए गए कहर की याद दिलाता है.’ येद वाशेम स्मारक संग्रहालय में पुष्पांजलि अर्पित कर मोदी ने नाजी जर्मनी द्वारा मार दिए गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि यह स्मारक ‘त्रासदी की गहराईयों से ऊपर उठने, नफरत को पराजित करने और एक उर्जावान लोकतांत्रिक देश के निर्माण के लिए आगे बढ़ने के लिए आपकी ‘अटूट इच्छाशक्ति’ के सम्मान का प्रतीक है.

इस्राइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि आतंकवाद की बुराई से निबटने के लिए दोनों देशों को मिलकर खड़ा होना होगा. भारत और इस्राइल को ‘सिस्टर डेमोक्रेसी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘हम साथ मिलकर महान काम कर सकते हैं.’ मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच जो संबंध है वह हजारों वर्ष पुराने हैं जब यहूदी पहली बार भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर उतरे थे. तब से यहूदी, उनकी परंपराएं और रीति रिवाज भारत में फले-फूले और समृद्ध हुए हैं.

पीएम मोदी ने कहा हमें यहूदी बेटों और बेटियों पर गर्व हैं जैसे कि लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, वाइस एडमिरल बेंजामिन सेमसन, प्रसिद्ध वास्तुकार जोशुआ बेंजामिन और फिल्मी कलाकार जैसे नादिरा, सुलोचना और प्रमिला. इन लोगों के विविध योगदान ने भारतीय समाज के तानेबाने को और समृद्ध किया है.

नेतन्याहू द्वारा यहां प्रधानमंत्री आवास पर दिए गए रात्रिभोज से पहले मोदी ने एक वक्तव्य में कहा, ‘हम अपनी शांति, स्थिरता और समृद्धि के समक्ष पेश आने वाली साझा चुनौतियों से निबटने के लिए सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं. इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक स्पष्ट कार्य एजेंडा बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मिलकर काम करूंगा.’