हैमबर्ग :आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक व्यापार पर चर्चा के साथ जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन शुरू होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए हैम्बर्ग पहुंच गए हैं.

सिक्किम में सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात नहीं होगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स देशों की बैठक में हिस्सा लेंगे. ऐसे में तय है कि प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति पांच देशों के नेताओं के बीच बंद कमरे में होने वाली बैठक में एक टेबल पर होंगे.

इस बार के जी-20 सम्मेलन की थीम ‘शेपिंग एन इंटर-कनेक्टेड वर्ल्ड’ रखी गई है. सम्मेलन में मुक्त और खुला व्यापार, पलायन, सतत विकास और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा होने की उम्मीद है.

क्या है जी20 का एजेंडा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले दो दिन दुनिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जी20 देशों के नेताओं के साथ बात होगी. इनमें आर्थिक विकास, सतत विकास और शांति एवं स्थिरता पर बात होगी.

उन्होंने कहा कि पिछले साल हांगझू में हुई जी20 समिट में उठाए गए मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा हो सकती है. इनमें आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, विकास और व्यापार, डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, महिला सशक्तिकरण और अफ्रीका के साथ भागीदारी पर चर्चा होने की संभावना है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली बार की तरह ही बैठक से अलग दूसरे देशों के नेताओं के साथ मुलाकात होगी और द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

हैम्बर्ग में जी20 समिट के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा, जापान और ब्रिटेन के नेताओं के साथ बैठक करेंगे. इसकी पुष्टि हो गई है.