गतवर्ष की तरह इस बार भी कार्तिक स्नान पूरे श्रद्धा व महाआरती से संपन्न हुआ

रायपुर। पश्चिम विधान सभा के जुझारू एवं लोकप्रिय विधायक विकास उपाध्याय किसी कार्य को संपन्न करने उसे उस ऊँचाई तक ले जाते हैं, जिसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। वे कांग्रेस शासन काल में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को संजोए रखने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप लगातार उन सभी परंपराओं को विधिवत अपने क्षेत्र में आम जनता से मिलकर निभाये हुए हैं जिससे इनके छवि में आम जनता के बीच और भी निखार आ रही है। कोरोना काल में तमाम गाईड लाईन के बावजूद आज पुन्नी स्नान को जिस श्रद्धा भाव विधिवत रूप से संपन्न कराया निश्चित तौर पर हिन्दुओं के बीच सकारात्मक संदेश का संचार हुआ है।

युवा पीढ़ी को छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान होनी चाहिए – विकास उपाध्याय

विधायक विकास उपाध्याय अपने विधान सभा क्षेत्र सहित अपने कार्यों के दम पर पूरे प्रदेश में सकारात्मक संदेश पहुंचाने एक माॅडल के रूप में पहचाने जाते हैं। लगातार हर रोज विभिन्न कार्यों को नये तरीके से अंजाम देने की उनकी कोशिश खासकर युवा वर्ग में उत्साह का संचार करता है। अपने विधान सभा क्षेत्र के रायपुरा स्थित प्राचीन महादेव घाट मंदिर के तट खारून नदी पर पुन्नी स्नान पूरे प्रदेश में गतवर्ष तब चर्चा में आया जब विधायक विकास उपाध्याय ने इस आयोजन को बेहद ही वृहद स्तर में 600 साल पुराने परंपरा को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित साजसज्जा के साथ रात्रि जागरण कर हजारों की संख्या में उपस्थित जन समुदाय के बीच इसके महत्व को प्रचारित किया। इतना ही नहीं बल्कि कार्तिक पूर्णिमा के ठीक आज की तरह सुबह ब्रह्म मुहुर्त में महाआरती कर पूरे विधि विधान के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव घाट पहुंचकर इस कार्यक्रम में शरीक हुए और कार्तिक स्नान कर पूरे प्रदेश के लिए सुख समृद्धि की कामना की। विकास उपाध्याय कहते हैं आज की युवा पीढ़ी को छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान होनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ संस्कृति में कार्तिक स्नान का विशेष महत्व है – भूपेश बघेल

महादेव घाट पहुंचे कार्तिक स्नान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे उत्साह में थे। विधायक विकास उपाध्याय के प्रयास से भव्य आयोजन से गदगद मुख्यमंत्री अपने चिर परिचित अंदाज में जिस तरह हर मौके पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति से ओतप्रोत नये कर्तब करने अपने अमिट छाप छोड़ जाते हैं। आज भी वे कार्तिक स्नान के वक्त खारून नदी में डूबकी लगाते समय गुलाटी मारकर सबको अचंभित कर दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जैसे सावन में भगवान शंकर की पूरे महिने भर पूजा अर्चना की जाती है ठीक उसी तरह कार्तिक मास में भी सुबह नदी और तालाब में स्नान कर सूर्योदय के पूर्व पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। आज के दिन छत्तीसगढ़ में मेलों की शुरूआत होती है परन्तु कोविड-19 के चलते इस बार महादेव घाट में मेला आयोजन मजबूरीवश नहीं हो रहा है। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की पूरे प्रदेश के लोगों को बधाई दी है।

कार्तिक स्नान के आयोजन को लेकर क्षेत्रीय विधायक विकास उपाध्याय पिछले कई दिनों से महादेव घाट में इसके तैयारी को लेकर कई दौरे और निरीक्षण कर लगातार दिन-रात लगे रहे। पूरे क्षेत्र को भव्य तरीके से सजावट के साथ पूरे परिसर को सेनेटाईज से लेकर साफ-सफाई कर बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया था जो रात के वक्त पूरा महादेव घाट का तट दुल्हन की तरह सुंदर दिखाई दे रहा था। आज रात विधायक विकास उपाध्याय पूरे समय महादेव घाट तट पर ही अपने समर्थकों के साथ डटे रहे और सुबह 4ः00 बजे से ही पूजा पाठ की तैयारी शुरू हो गई। विकास उपाध्याय 21 पंडितों को समय पूर्व पूजा के आयोजन करने आमंत्रित कर चुके थे जो मंत्र उच्चारण के साथ मुख्यमंत्री को महाआरती और पूजा कराकर प्रदेश के सुख समृद्धि को लेकर कामना की।

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