नई दिल्ली : क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय से टीम इंडिया के नए कोच का इंतजार था. अनिल कुंबले ने पिछले महीने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद कोच पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके 20 दिन बाद मंगलवार रात को टीम इंडिया को आखिरकार नया कोच मिल गया. रवि शास्त्री को टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया गया है, जबकि जहीर खान को बॉलिंग कोच चुना गया है. इसके अलावा विदेशी दौरों पर राहुल द्रविड टीम के बैटिंग कोच होंगे.

तीनों कोच श्रीलंका दौरे से टीम से जुड़ जाएंगे और वर्ल्ड कप 2019 तक टीम के साथ रहेंगे. शास्त्री को विरेंद्र सहवाग से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन आखिरकार उन्हें ही इस पद की जिम्मेदारी मिली. सोमवार को सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर की सलाहकार समिति ने सभी 5 कैंडिडेट्स का इंटरव्यू लिया था. सोमवार को सौरव गांगुली ने कहा था कि कोच के लिए प्रक्रिया पूरी हो गई है. कोहली से बात कर कोच का ऐलान कर दिया जाएगा. तब खबरें आईं थीं कि कोच पद के लिए सचिन तेंदुलकर रवि शास्त्री को तवज्जो दे रहे हैं, तो वहीं वीरेंद्र सहवाग के साथ सौरव गांगुली का सपोर्ट है.

रवि शास्त्री 2014 में इंग्लैंड से 1-3 से सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया के डायरेक्टर बने थे. इसके बाद अचानक ही टीम का भाग्य बदल गया. शास्त्री के मार्गदर्शन में भारत ने 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर वनडे सीरीज जीती. शास्त्री ने टीम को वर्ल्ड कप 2015 के सेमीफाइनल तक पहुंचाया. टीम इंडिया मार्च 2016 में टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक भी पहुंची. बाद में शास्त्री को हटाकर अनिल कुंबले को टीम का कोच बनाया गया.

आपको बता दें कि रवि शास्त्री कप्तान विराट कोहली की हमेशा से पसंद रहे हैं. खबरें भी आईं थीं कि 23 मई को टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड रवाना होने से पहले कोहली ने तीन सदस्यीय अडवाइजरी कमिटी के दो सदस्यों सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण से मिलकर रवि शास्त्री के नाम पर विचार करने की बात कही थी. कोहली ने दोनों से शास्त्री को इंटरव्यू के लिए बुलाने का भी आग्रह किया था.