भोपाल :मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार जनता के लिये है। ऐसी व्यवस्था बनायें जिसमें जनता को कोई परेशानी नहीं हो। जनता की दिक्कतों को सहन नहीं किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व और ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को खसरा-खतौनी की नकलें नि:शुल्क घर-घर जाकर देने के अभियान की कार्य-योजना बनायें। यह अभियान आगामी 15 अगस्त से शुरू होगा। आवासहीन गरीब परिवारों को पट्टे देने के लिये बनाये गये अधिनियम के तहत आबादी भूमि का चिन्हांकन कर घोषित करने की कार्रवाई करें। प्रत्येक आवासहीन को आवास उपलब्ध करवाने के अभियान के लिये तैयारियाँ करें। अभियान आगामी 25 सितम्बर के बाद शुरू होगा। राजस्व और ऊर्जा विभाग सीधे आम जनता से जुड़े विभाग हैं। इनसे जुड़ी विभिन्न सेवा को समय-सीमा में दिया जाये। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इनकी सेवाएँ समय पर दिये जाने की सभी कलेक्टर मॉनीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर एक सप्ताह में जानकारी भेंजे कि उनके जिले में राजस्व संबंधी प्रकरण समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गयी है। समय-सीमा से अधिक के लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करवयें। राजस्व अधिकारी निर्धारित दिनों पर अपने राजस्व न्यायालय में बैठे और उसे पोर्टल पर दर्ज करवायें। शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मानवीय दृष्टिकोण से करें। किसी गरीब को हटाने से पहले उसके आवास की वैकल्पिक व्यवस्था करें जबकि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के अतिक्रमण को तुरंत हटायें। वर्षा ऋतु में आकस्मिक आपदाओं से निपटने की तैयारियाँ करें। जलजनित बीमारियों की रोकथाम की तैयारियाँ करें। फसल कटाई प्रयोग किसानों के सामने किये जायें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि पम्प जितने हार्सपॉवर का हो उसके अनुरूप ही बिल दिया जाये। ट्रांसफार्मर बदलने के लिये निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाये। अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन को स्थाई में बदलने का अभियान चलायें। विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का निराकरण ग्राम स्तर तक जाकर किया जाये। ऊर्जा विभाग के अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण करें। विद्युत आपूर्ति की लगातार मॉनीटरिंग की जाये, कहीं भी अघोषित विद्युत कटौती नहीं हो।

राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि पटवारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाये। जिस भूमि का अधिग्रहण किया जाये उसका मुआवजा शीघ्र देना चाहिये। जमीन अधिग्रहण मुआवजे के प्रकरण यदि किसी जिले में लंबित है तो उसका तत्काल निराकरण करें। इसके लिये पर्याप्त बजट उपलब्ध है। सभी जिला कलेक्टर विधानसभा प्रश्नों के उत्तर समय-सीमा में भिजवायें।

बताया गया कि राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी एप तैयार किया गया है। जिसे सभी पटवारियों के मोबाईल पर डाउनलोड किया जायेगा। प्रदेश में एक हजार 420 राजस्व न्यायालय हैं। बीते नौ माह में इनमें 3 लाख 53 हजार राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसमें नामांतरण, बँटवारा, सीमांकन, डायवर्सन और अतिक्रमण प्रकरण शामिल हैं। पटवारियों के 9 हजार 126 पदों की पूर्ति की कार्रवाई की जा रही है। ऊर्जा विभाग की 15 सेवाएँ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में हैं। ग्रामोदय से भारत उदय अभियान में ग्राम पंचायत स्तर पर ऊर्जा विभाग द्वारा बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिये शिविर लगाये गये थे। शिविर के माध्यम से करीब एक लाख शिकायतों का निराकरण किया गया है। कृषि पम्पों के अस्थाई कनेक्शनों को स्थाई में बदलने के 42 हजार 500 कार्य-आदेश दिये गये हैं।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डेय, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।