नई दिल्ली :घाटी में लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाओं व पत्थरबाजी तथा हाल ही में अमरनाथ यात्रियों के जत्थे पर हुए आतंकी हमले के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिशन कश्मीर का ताना बाना बुनेगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत की देखरेख में तीन दिनों तक देशभर के थिंक टैंक जम्मू में कश्मीर समस्या के समाधान तथा घाटी में संघ के विस्तार पर चिंतन मनन करेंगे।

इसके लिए भागवत 14 जुलाई को जम्मू आएंगे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संघ प्रमुख के साथ ही कोर ग्रुप के सदस्य भी शुक्रवार को यहां पहुंच जाएंगे। कोर ग्रुप में 23 सदस्य हैं जो 18 से होने वाली बैठक के लिए एजेंडा तैयार करेंगे।

इसमें कश्मीर मसले का हल, घाटी में संघ के विस्तार, अगले एक साल के कार्यक्रम तथा अन्य राज्यों के राजनीतिक हालात जैसे मुद्दे शामिल होंगे। 20 जुलाई तक चलने वाली बैठक के बाद 21 जुलाई को एक बार फिर कोर ग्रुप की बैठक होगी। इसमें तीन दिवसीय चर्चा के बिंदुओं को अंतिम रूप देने के बाद बाद सभी लौट जाएंगे।

संघ प्रमुख के अलावा दत्तात्रेय होसबले, सुरेश सोनी तथा डॉ. कृ ष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन राम माधव व राम लाल तथा राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह भी चर्चा में शामिल होंगे। होसबले वीरवार को ही यहां पहुंच जाएंगे। हालांकि, संघ से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बैठक केवल संघ के विस्तार कार्यों की रणनीति तैयार करने के लिए है।

जम्मू में 18 से 20 जुलाई तक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक आयोजित है। इसमें देशभर के 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रांत प्रचारक तथा उससे ऊपर स्तर के पदाधिकारी तीन दिनों तक संघ के विस्तार की पृष्ठभूमि तैयार करेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 92 साल के इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर में प्रांत प्रचारक बैठक हो रही है। इसे लेकर स्वयंसेवक काफी उत्साहित हैं। वेद मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वीरवार को इस पूरे परिसर को सुरक्षा एजेंसियां घेरे में ले लेंगी। किसी को भी यहां प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।