नई दिल्ली: हाल ही में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा था कि पुराने गहनों या सोना आदि बेचने पर अर्जित राशि पर 3 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा. लेकिन अब सरकार ने इस फैसले को पलट दिया है. राजस्व विभाग ने ताजा फैसले में कहा है कि लोगों द्वारा पुराने गहनों और पुराने वाहनों की बिक्री पर माल एवं सेवा कर (GST) नहीं लगेगा क्योंकि इस तरह की बिक्री किसी कारोबारी मकसद से नहीं की जाती है. बता दें कि देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है.

पुराने गहनों की खरीद फरोख्त के संदर्भ में आइए जानें पांच खास बातें

  • सर्राफा कारोबारी द्वारा किसी उपभोक्ता से पुराने गहने खरीदने पर केंद्रीय जीएसटी कानून, 2017 की धारा 9 (4) के प्रावधानों के तहत उलट शुल्क व्यवस्था में तीन प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा.
  • पिछले दिनों अधिया ने कहा था कि अगर पुराने आभूषण बेचकर उस राशि से नए जेवरात खरीदे जाते हैं, तो जीएसटी में से तीन प्रतिशत कर घटा दिया जाएगा लेकिन अब विभाग ने राजस्व सचिव हसमुख अधिया की टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए बयान जारी किया है.
  • बयान में कहा गया है कि इस धारा को एक अन्यस धारा के साथ पढ़ा जाना चाहिए जो कहती है कि किसी व्यक्ति द्वारा पुराने सोने की बिक्री अपने कारोबार के लिए नहीं की जा रही है और ऐसे में इसे आपूर्ति नहीं माना जा सकता. जौहरी या सर्राफा कारोबारी को इस तरह की खरीद पर उलट शुल्क व्यवस्था (आरसीएम) के तहत कर नहीं देना होगा.
  • यही सिद्धान्त पुरानी कार या दोपहिया की बिक्री पर भी लागू होगा और इस पर भी जीएसटी नहीं लगेगा.
  • विभाग ने आगे कहा है कि यदि कोई गैर पंजीकृत इकाई किसी पंजीकृत आपूर्तिकर्ता को पुराने सोने के आभूषण बेचती है तो उस पर कर लगेगा.
  • इसी तरह कोई सोने के आभूषण की आपूर्ति करने वाला गैर पंजीकृत व्यक्ति यदि इसे किसी पंजीकृत आपूर्तिकर्ता को बेचता है, तो आरसीएम के तहत इस पर कर लगेगा.