जांजगीर। जिला सहकारी बैंक के अपेक्स बैंक में मर्ज होने के बाद किसानों को फायदा होगा। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सहकारी बैंक द्वारा किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 15 हजार रुपए का कर्ज मिलता था। अपेक्स बैंक में विलय के बाद किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसान 25 हजार रुपए तक का कर्ज ले सकेंगे।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत बिलासपुर के अलावा मुंगेली,जांजगीर-चांपा व कोरबा जिले की शाखाओं को शामिल किया गया है। बैंक के आंकड़ों पर नजर डालें तो डेढ़ लाख कर्जदार किसान हैं। जो प्रतिवर्ष खेती किसानी के मौसम में कृषि ऋण लेकर खेती बाड़ी करते हैं। कृषि कार्य के लिए बैंक द्वारा दो स्तर पर कर्ज दिया जाता है। नगद राशि के अलावा खाद व बीज दिया जाता है। किसान क्रेडिट कार्डधारी किसानों को कर्ज की सुविधा भी दी जाती है। इसके लिए राज्य शासन ने पहले से ही कर्ज की सीमा तय कर दी है। केसीसी धारक किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 15 हजार रुपए कर्ज दिया जाता है।
जिला सहकारी बैंक के माध्यम से लिए गए कर्ज को किसान किस कार्य के लिए खर्च करेंगे यह उसकी अपनी मर्जी पर निर्भर करता है। मसलन केसीसी के जरिए खेती किसानी के लिए कर्ज लेने की शर्त नहीं है। जिला सहकारी बैंक की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने केसीसी के जरिए कर्ज की लिमिट तय की गई थी। इसके पीछे किसान आसानी से कर्ज की राशि पटा सके। जिन किसानों को कर्ज के रूप में ज्यादा रुपए की जरूरत पड़ती थी वे जिला सहकारी बैंक के अलावा अन्य बैंकों से संपर्क कर केसीसी के जरिए कर्ज लेते रहे हैं। अब ऐसा नहीं होगा। केसीसी धारक किसानों को अब अन्य बैंकों का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। अपेक्स बैंक के जरिए प्रति एकड़ 25 हजार रुपए तक का कर्ज आसानी के साथ मिल जाएगा।
15 से 20 लाख कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या ज्यादा
केसीसी के जरिए 15 से 20 लाख रुपए तक कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जरिए कर्ज न मिलने व लिमिट तय होने के कारण निजी बैंकों के अलावा भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिया करते थे।