पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों का भारत बनाना है- बृजमोहन

रायपुर।पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह जिला भिलाई में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के आसंदी से कार्यकर्ताओं से अपनी बात कहते हुए प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दुनिया ने माओवाद,साम्यवाद,पूंजीवाद और ना जाने क्या क्या वाद देखे हैं । परंतु एक ऐसा वाद जिसमें मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा की चिंता की गई है वह है पंडित दीनदयाल जी के विचारों वाली एकात्म मानववाद। यह एकात्म मानववाद कहता है कि जब तक समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन में विकास की रोशनी न पहुंचे तब तक सेवा का ध्येय लेकर हमे आगे चलते रहना है। हम सौभाग्यशाली हैं कि ऐसे विचारों को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं और राष्ट्रवादी राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर दीन दुखियों की बेहतरी के साथ-साथ देश को आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे हैं । आज पूरी दुनिया इस एकात्म मानववाद से प्रभावित है । सही मायने यह एकात्म मानववाद हमारे धर्म ग्रंथों का निचोड़ है। जिसमें वसुधैव कुटुंबकम के भाव भी समाहित हैं। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एकात्म मानववाद के सिद्धांतों पर कार्य कर रहे हैं । उनकी इस कार्य को पूरी दुनिया भर में सराहना मिल रही है।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता नीतियों और सिद्धांतों पर चलने वाला है। उसके लिए देश पहले है उसके बाद कोई और। यही कारण है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के ह्रदय में देशभक्ति की ज्वाला धधकती रहती है।
बृजमोहन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रभक्त नहीं होते तो आज देश परिस्थितियां कुछ और होती। पंडित नेहरू जी के मंत्रिमंडल में रहने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उनकी नीतियों से असहमति जताते हुए अलग संगठन खड़ा किया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्रध्येय गुरु जी से मिलकर उन से प्रेरणा लेते हुए पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय को साथ लेकर जनसंघ की स्थापना की गई थी। उस वक्त असहमति का कारण सरकार की कश्मीर नीति और तुष्टिकरण की नीति थी। आज भी देश पंडित नेहरू की उन गलतियों को भुगत रहा है ।श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपना बलिदान देकर कश्मीर को भारत का अविभाज्य अंग बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। वरना आज कश्मीर जाने के लिए भी हमें पासपोर्ट की आवश्यकता होती।
अपनी भारत भूमि को जब हम भारत माता कहते हैं तो कुछ लोग इसे अलग तरह से लेते हैं। हमारा स्पष्ट मानना है कि भारत बस कहने से यह मिट्टी का एक टुकड़ा हो जाता है। परंतु जब हम भारत माता कहते हैं तो इस मिट्टी से हमारा एक आत्मीय लगाव, एक जुड़ाव बनता है।यह लगाव ही हमें अपनी मातृभूमि से जोड़े रखती है।
बृजमोहन ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद आज मां भारती की सेवा का अवसर हमारी भारतीय जनता पार्टी को देश की जनता ने दिया है ऐसे में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय के सपनों का भारत बनाने के लिए हम सभी को एकजुटता के साथ काम करना होगा हमारा मकसद गरीब की झोपड़ी में उजाला लाना होना चाहिए। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का जीवन सफल हो वह सुख शांति और समृद्धि प्राप्त करें ऐसा प्रयास हमें करना चाहिए। आज केंद्र और राज्य की हमारी भाजपा सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। एक रुपए किलो चावल प्रदान करने की योजना हो या विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाएं हो, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न प्रकार से संचालित योजनाएं, पेंशन योजनाएं,युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप इंडिया,स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम,गरीब महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, आदि ऐसे कार्यक्रम है जो कमजोर तबके के जीवन एक सकारात्मक दिशा दे रहे है। यह कहना अतिश्योक्ति नही होगी की पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद महात्मा गांधी का रामराज्य के नजदीक जान पड़ता है।
यह कार्यक्रम अय्यप्पा मंदिर प्रांगण हॉल सेक्टर 2भिलाई में संपन्न हुआ इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, आरएसएस के दिलेश्वर उमरे, जिला भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक सांवलाराम डाहरे,महामंत्री खिलावन साहू, पूर्व जिलाध्यक्ष ओपी वर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, शैलेंद्र पांडे,मिथिलेश यादव,गौरीशंकर,लोकेश साहू, जसवंत ठाकुर, राजू खान,विष्णु अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

कांग्रेस-सपा-बसपा घर की दुकान
बृजमोहन ने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा आदि राजनीतिक दल वाले अपने अपने घरों की दुकानें चला रहे है। उनका मकसद समझ से परे है। परंतु भारतीय जनता पार्टी अपनी राष्ट्रवादी सोच के साथ देश की सेवा में जुटी हुई है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता सौभाग्यशाली है जो किसी परिवार के लिए नहीं बल्कि देश के लिए काम कर रहा है।

कश्मीर की बंजर है भूमि पाकिस्तान को सौपने की बात पर कहा…सिर पर बाल नही तो क्या शिश कटा देंगे ?
एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बृजमोहन ने बताया कि पाकिस्तान को कश्मीर का भूखंड देने की बात पर नेहरु जी ने कहा कि आखिर उस पहाड़ भूखंड में कुछ नहीं है। उस बंजर भूमि में सामान्य जीवन भी नहीं है। ऐसे में यह पकिस्तान को दे दिया जाना अनुचित नहीं होगा । इस पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने कहा कि वह वह वह बंजर भूमि , हमारे लिए मिट्टी का टुकड़ा नहीं है हमारी भारत माता है। उनकी कठोर टिप्पणी यह भी थी आपके सिर पर बाल नहीं है तो क्या आप शीश कटा देंगे?