देवघर : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गोड्डा के अडाणी पावर प्लांट तथा पतरातू सुपर थर्मल पावर प्लांट फेज-1 को पर्यावरण क्लीयरेंस दे दिया है. नयी दिल्ली में एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (थर्मल एंड कोल माइनिंग सेक्टर) के चेयरमैन नवीन चंद्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी बिंदुओं तथा कंपनियों द्वारा तय की गयी सीएसआर एक्टिविटी के प्रारूपों का अवलोकन करने के बाद पर्यावरण स्वीकृति दी गयी है. इसी के साथ गोड्डा में 1600 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट तथा 2400 मेगावाट क्षमता वाला पतरातू पावर प्लांट का काम अब और आगे बढ़ेगा, वहीं गोड्डा में अब अडाणी पावर प्लांट का काम जल्द ही धरातल पर दिखेगा.

सीएसआर पर 14 करोड़ खर्च करेगी अडाणी पावर लिमिटेड

पर्यावरण क्लीयरेंस रिपोर्ट के मुताबिक गोड्डा में अडाणी पावर लिमिटेड प्लांट के आसपास के इलाके में कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसब्लिटी के तहत व्यावसायिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण आदि के लिए 14 करोड़ से भी अधिक का बजट कंपनी ने रखा है. अडाणी गोड्डा में ग्रीन बेल्ट डेवलपमेंट पर 10.60 करोड़, गांवों में वृक्षारोपण पर 50 लाख, तालाबों के गहरीकरण व जल संरक्षण पर 1.43 करोड़ तथा व्यावसायिक शिक्षा पर 1.38 करोड़ खर्च करेगी. व्यावसायिक शिक्षा के तहत कंपनी डिप्लोमा इंजीनियरिंग, नर्सिंग मैनेजमेंट, मेडिसीन और अन्य तकनीकी शिक्षा की सुविधा यहां के छात्रों को उपलब्ध करायेगा.

पीएसटीपीपी पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करेगा 3045 करोड़

पर्यावरण क्लीयरेंस मिनट्स के अनुसार पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के फेज-1 का क्लीयरेंस मिला है. इसके तहत कंपनी का कुल प्रोजेक्ट 14,896 करोड़ है. इसमें से पर्यावरण संरक्षण पर कंपनी 3,045 करोड़ खर्च करेगी. कंपनी इलाके में 50 एकड़ जमीन को ग्रीन बेल्ट डेवलप करेगी.