सावन मास में शिवाभिषेक का विशेष महत्व होता है. भगवान शिव साधारण जल धारा से भी प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन पुराणों में वर्णित है कि विविध प्रकार की धाराओं से अभिषेक करने से विविध प्रकार के फल मिलते है जो मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सहायक है.

दूध से शिवजी का अभिषेक करने पर मानसिक व शारीरिक शांति मिलती है और परिवार में कलह दूर होकर आपसी प्रेम बढ़ेगा.शिवजी का घी से अभिषेक करने पर वंशवृद्धि होती है. जिन लोगों को संतान नहीं होती है, उन्हें घी से अभिषेक करने से लाभ मिलता है.

शुद्ध जल से शिवजी का अभिषेक करने पर परिवार व स्वयं को मानसिक शांति मिलती है.   इत्र अथवा सुगंधित द्रव्य से शिवजी का अभिषेक करने पर मनोकामनाओं की पूर्ति होती है एवं भौतिक वस्तुओं की भी पूर्ति होती है.

यदि किसी के परिवार में रोगों का अधिक प्रभाव रहता है तो उन लोगों को शिवजी का शहद से अभिषेक करने पर लाभ मिलता है. शिवजी को गन्ने के रस से अभिषेक करने पर आर्थिक समृद्धि व परिवार के सदस्यों की प्रगति होती है.

गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करने पर हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है और शिवजी की आपके परिवार पर विशेष अनुकंपा बनी रहती है. सरसों के तेल से शिवजी का अभिषेक करने पर शत्रुओं का नाश होता है. विरोधी चाहकर भी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे.