देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता : कोविंद

नई दिल्ली। रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को देश के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में कामकाज संभाल लिया। संसद के केंद्रीय कक्ष में हुए ऐतिहासिक समारोह में प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर ने उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले भाषण में कोविंद ने कहा, ‘देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है। 125 करो़ड नागरिकों को नमन करता हूं। संविधान में उल्लेखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूलमंत्र का पालन सदैव करता रहूंगा।’

आजादी के 70 साल में यह पहला मौका है जब संघ व भाजपा से जु़डे रहे किसी नेता की देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर ताजपोशी हुई है। शपथ के अंत में कुछ सांसदों ने जय श्रीराम के नारे भी लगाए।

कोविंद के भाषण के कुछ अंश

विविधता सफलता का मंत्र : ‘मैं एक छोटे से गांव में मिट्टी के घर में पला ब़़ढा हूं। मेरी यात्रा बहुत लंबी रही है, लेकिन यह यात्रा अकेले सिर्फ मेरी नहीं रही है, हमारे देश और हमारे समाज की यही गाथा रही है। मैं इस महान राष्ट्र के 125 करो़ड लोगों को नमन करता हूं। मुझे अहसास है कि मैं अब डॉ.राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसी विभूतियों के पदचिन्हों पर चलने जा रहा हूं। देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है। विविधता ही वह आधार है जो हमें अद्वितीय बनाता है।
इन पर गर्व : भारत की मिट्टी, पानी, विविधता, सर्वधर्म समभाव, समावेशी विचारधारा, सांस्कृतिक परंपरा अध्यात्म, प्रत्येक नागरिक।
ऊर्जा के स्रोत : एक राष्ट्र के तौर पर हमने बहुत हासिल किया है, लेकिन हमारे प्रयास आखिरी गांव के आखिरी घर तक पहुंचने चाहिए। देश के नागरिक ही हमारी ऊर्जा के मूल ाोत हैं।

गांधी, दीनदयाल से प्रेरणा : विश्व हमारी तरफ देख रहा है। देश तेजी से विकसित व मजबूत होती अर्थव्यवस्था है। हमें महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय की कल्पना के अनुरूप अवसरों की समानता वाले समाज का निर्माण करना है।

नेहरू को छो़ड इन्हें याद किया
कोविंद ने भाषण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू को छो़ड इन आठ ब़़डे नेताओं-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सरदार पटेल, डॉ भीमराव अंबेडकर, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी का नाम लिया। मुखर्जी के ठीक बाद उन्होंने भाजपा के आदर्श एकात्म मानवतावाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम लिया।

कांग्रेस ने उठाया सवाल
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कोविंद के भाषण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पं. नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम तक नहीं लिए, जो दिल को चुभने वाली बात है। आनंद शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी की बराबरी में जनसंघ के नेता पं. उपाध्याय को ख़़डा किया, ये ठीक नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *