पटना: नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर बिहार की सियासत में भूकम्प ला दिया। जद (यू) विधायक दल की बैठक के बाद नीतीश ने राजभवन जाकर राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना त्याग पत्र सौंपा, जिसे उन्होंने देर रात स्वीकार कर लिया। बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद अब आरजेडी सड़क पर उतर गई है. रात में जहां तेजस्वी और उनके समर्थकों ने राजभवन तक विरोध मार्च किया वहीं अब राज्यभर में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो गया है. पटना में ऐतिहासिक महात्मा गांधी सेतु पर आरजेडी समर्थकों ने धरना दिया. पूरे बिहार में आरजेडी ने नीतीश के खिलाफ विश्वासघात दिवस मनाने का ऐलान किया है.

वहीं नीतीश कुमार के इस्तीफे के 3 घंटे के अंदर ही भाजपा ने उन्हें नई सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी और राज्यपाल को इससे संबंधित पत्र भी सौंप दिया। भाजपा के समर्थन के बाद बिहार की सत्ता में एक बार नीतीश कुमार की वापसी हो रही है।

भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने बताया कि भाजपा राज्य में राजनीतिक अस्थिरता नहीं चाहती है इसलिए उसने नीतीश को समर्थन देने का फैसला लिया है। इस बीच नीतीश के इस्तीफा देने के एक घंटे के बाद ही मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायक दल की बैठक हुई जिसमें उन्हें फिर से विधिवत नेता चुन लिया गया। देर रात राजग विधायक दल के नेता नीतीश कुमार ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

नीतीश कुमार आज सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ सुशील कुमार मोदी डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे। अन्य म‍ंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी। राज्यपाल ने बहुमत परीक्षण 28 जुलाई को कराने का निर्णय लिया है।