नई दिल्ली : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार वेंकैया नायडू ने उप राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है. नायडू ने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को हराया. नायडू को 516 वोट मिले जबकि गांधी को 244 वोट मिले. वहीं 11 वोट अवैध घोषित हुए. संसद में नायडू का अनुभव 25 साल का है जबकि उनका पूरा राजनीतिक अनुभव करीब 45 साल है.

रधानमंत्री और समर्थन देने के लिए सभी पार्टी नेताओं का आभार व्यक्त करते हुये नायडू ने कहा, ‘राष्ट्रपति के हाथों को मजबूत करने और ऊपरी सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए मैं उप राष्ट्रपति की संस्था का उपयोग करना चाहता हूं.’उप राष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं. उन्होंने कहा, ‘एक साधारण किसान के परिवार से उप-राष्ट्रपति बनना मेरे लिए सम्मान की बात है. यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और मजबूती है.’

भाजपा सूत्रों ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के करीब 24 सांसदों ने उप राष्ट्रपति चुनाव में अपने नेतृत्व का निर्देश नहीं माना और राजग उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू के पक्ष में मतदान किया. नायडू को 516 वोट मिले, हालांकि पहले करीब 495 सदस्यों का समर्थन मिलने की उम्मीद थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री नायडू को 68 फीसदी वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को 32 फीसदी वोट हासिल हुए.

विपक्ष के लिए चिंता का विषय यह है कि उसके उम्मीदवार गांधी को राष्ट्रपति पद की उसकी उम्मीदवार मीरा कुमार को मिले वोटों से 19 वोट अधिक है, हालांकि 40 और सांसदों ने उन्हें अपना समर्थन देने की बात की थी. मीरा कुमार को 225 वोट मिले थे, जबकि गांधी को 244 वोट हासिल हुए. बीजद के 28 और जदयू के 12 सांसदों ने राष्ट्रपति चुनाव में राजग का समर्थन करने के बाद उप राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का साथ दिया.

मतगणना के बाद राजग इस नतीजे पर पहुंचा कि जो 40 वोट विपक्ष के उम्मीदवार को जाने वाले थे उनमें से सिर्फ छह गए, इसका मतलब यह कि उसके पक्ष में बड़े पैमाने पर क्रॉस-वोटिंग हुई है. अधिकारियों के अनुसार 11 वोटों को अमान्य करार दिया गया. कुल 14 सदस्यों ने अलग अलग कारणों से मतदान में हिस्सा नहीं लिया जिनमें से तृणमूल कांग्रेस के चार, भाजपा, कांग्रेस एवं आईयूएमएल के दो तथा राकांपा एवं पीएमके एक-एक सदस्य शामिल हैं.

नतीजे आने के बाद विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा, ‘मैं संसद के सभी सदस्यों का आभार जताता हूं. मैं दोनों का जिन्होंने मेरा समर्थन किया और उन्हें भी जिन्होंने मेरा समर्थन नहीं किया, सबका धन्यवाद करता हूं. यह बैलेट और फ्री ऑफ स्पीच की जीत है.’