अहमदाबाद: गुजरात में दिनभर चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार देर रात कांग्रेस की जीत हुई. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने गुजरात की तीन में एक राज्यसभा सीट अपने नाम कर ली.

अहमद पटेल हाल ही में कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हुए बलवंत सिंह राजपूत को हराकर एक बार फिर राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे. हालांकि उससे पहले जो हुआ वह राज्यसभा चुनाव के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था.

अपने दो विधायकों की क्रॉस वोटिंग से खफा कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटाया और पोलिंग एजेंट को अपना बैलेट दिखाने वाले दोनों विधायकों का वोट रद्द करने की मांग की.

अहमद पटेल को मिले 44 वोट
जवाब में बीजेपी भी चुनाव आयोग पहुंची और कांग्रेस की इस अर्जी को न मानने की अपील की. दोनों पार्टियों के चुनाव आयोग जाने का ये सिलसिला तीन बार चला और आखिरकार चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग मानते हुए दोनों विधायकों के वोट रद्द कर दिए, जिसके बाद अहमद पटेल की जीत का रास्ता साफ़ हो गया. अहमद पटेल को 44 वोट मिले. जहां कांग्रेस इसे सत्य की जीत बता रही है वहीं बीजेपी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रही है.

जीत के बाद अहमद पटेल ने कहा कि इससे कांग्रेस में एक नई ऊर्जा, नई शक्ति आई है. कांग्रेस को बल मिला है, इससे पार्टी, संगठन को फ़ायदा होगा. मुश्किल चुनाव था, लेकिन अंत अच्छा हुआ. पूरी सरकार हमें रोकने में लगी थी, बावजूद इसके हम जीते. विधायकों का सहयोग मिला, कार्यकर्ताओं में उत्साह था. उन्होंने जीत के बाद ट्वीट भी किया- सत्यमेव जयते! ये सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि ये धनशक्ति, बाहुबल और स्टेट मशीनरी के दुरुपयोग की करारी हार है. बीजेपी की धमकी और दबाव के बाद भी मुझे वोट करने वाले हर एक विधायक का मैं धन्यवाद करता हूं. उन्होंने एक समावेशी भारत के लिए वोट किया.