पटना : राज्य में कोसी, पुनपुन, बागमती और गंडक नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, वहीं गंगा, सोन, पुनपुन, घाघरा, गंडक और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है. मंगलवार को पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.07 मीटर नीचे बह रही थी. नदियों के जलस्तर को देखते हुये प्रशासन अलर्ट पर है. पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सारण, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सहरसा, दरभंगा, खगड़िया, मधेपुरा, भागलपुर जिले में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं.
वहीं केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने दावा किया है कि बिहार के सभी बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंध सुरक्षित हैं. केंद्रीय जल आयोग ने बताया है कि खगड़िया जिले के बलतारा में कोसी नदी खतरे के निशान से करीब 1.20 मी ऊपर थी. इसके जलस्तर में बुधवार सुबह तक कमी आने की संभावना है. सुपौल जिले के बसुआ में कोसी नदी खतरे के निशान से 0.03 मी ऊपर थी. इसका जलस्तर स्थिर है. पटना में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 1.61 मी ऊपर थी. हालांकि इसके बढ़ने की संभावना है. मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती खतरे के निशान से करीब 0.10 मीटर ऊपर बह रही थी. इसके घटने की संभावना है.
सीवान के दरौली में घाघरा नदी करीब 0.40 मीटर नीचे बह रही थी. इसके बढ़ने की संभावना है. वहीं पूर्णिया के ढेंगरा घाट में महानंदा नदी खतरे के निशान से करीब 1.15 मीटर नीचे थी. कटिहार जिले के झावा में यह खतरे के निशान से करीब 1.62 मीटर नीचे बह रही थी. दोनों जगह नदी का जलस्तर स्थिर है.
केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि गोपालगंज जिले में गंडक नदी अभी खतरे के निशान से 0.28 मी. ऊपर थी. वहां के डुमरियाघाट में इसका जलस्तर घट रहा है. सीवान के गंगपुर सीसवन में घाघरा नदी करीब 0.42 मी. नीचे बह रही थी. इसका जलस्तर बढ़ रहा है. मधुबनी जिले के झंझारपुर में कमला बलान नदी खतरे के निशान से 0.64 मी. नीचे थी. हालांकि इसका जलस्तर स्थिर है.