रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा  कि किसी भी परिस्थिति में अस्पताल में होने वाली मृत्यु पर शव को भेजने का  प्रबंध अस्पताल प्रबंधन करें. सभी जिलों के सिविल सर्जन इसके लिए जवाबदेह  होंगे. पूरी कड़ाई से अपने अधीनस्थ अस्पतालों में इसे वे लागू करायें.
सुनिश्चित करें, अस्पतालों में दवाओं की कमी न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि  जीरो टालरेंस पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायें. राज्य के सभी अस्पतालों में किसी भी प्रकार की दवा की कमी ना हो. 11 करोड़ 94 लाख 54 हजार रुपये का आवंटन अस्पतालों को भेजा गया है, ताकि कोई मरीज दवा के लिए नहीं भटके. श्री दास ने बुधवार को स्वास्थ्य मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद यह निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने गुमला में अस्पताल में दवा नहीं रहने और मरीज द्वारा दवा खरीदने के लिए भटकने की घटना नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि इन पैसों से अस्पताल दवा क्रय कर रखें.
सफाई, दवा मामले में जीरो टाॅलरेंस रहेगा
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कहा कि सफाई, दवा आदि के मामले में जीरो टाॅलरेंस रहेगा. दोषी बख्शे नहीं जायें. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिसकी भी कमी हो, उसे प्राइवेट नर्सिंग होम जैसे पैसे देकर संविदा पर रखें. उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों अस्पतालों आदि का भ्रमण कर डाॅक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ, साफ-सफाई कर्मी एवं दवा की उपलब्धता को देखें. कमी हो, तो तुरंत कार्रवाई करें अन्यथा शासन की नजर में वे ही जिम्मेवार होंगे.
मेडिकल सेवाओं को कौशल विकास से जोड़ें
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि मेडिकल क्षेत्र की छोटी-छोटी 15-16 सेवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जाये और कौशल विकास के द्वारा राज्य के लोगों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिया जाये. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में किसी भी अस्पताल का मैं औचक निरीक्षण करूंगा. उन्होंने कहा कि हर कठिनाई हम दूर करेंगे पर जनता से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही बरदाश्त नहीं होगी.