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नई दिल्ली. बतौर उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने विदाई भाषण में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सरकार को नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा, जैसा कि डॉ. राधाकृष्णन ने कहा था कि लोकतंत्र का मतलब ही ये है कि अल्पसंख्यकों को पूरी तरह सुरक्षा मिले. लोकतंत्र तब तानाशाह हो जाता है जब विपक्षियों को सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना करने का मौका न दिया जाए. हामिद अंसारी के बयान पर निर्वाचित उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने प्रतिक्रिया दी.

वेंकैया ने कहा कि भारत सेक्युलेरिज्म का सर्वश्रेष्ठ मॉडल है. दुर्भाग्य से, राजनीति में तीन सी (C) प्रवेश कर गए हैं. ये तीन सी हैं- कास्ट, कम्युनिटी और कैश (जाति, समुदाय और धन). हमें इसकी जगह 4 सी लेकर आने होंगे. ये 4 सी हैं- कैरेक्टर, कैलिबर, कैपेसिटी, कंडक्ट. वेंकैया ने आगे कहा कि अलग भाषा, अलग वेश फिर भी अपना एक देश. विविधता में एकता ही भारत की विशेषता है.

हामिद अंसारी ने अल्पसंख्यकों पर टिप्पणी ऐसे समय में की है जब असहनशीलता और कथित गौरक्षकों की गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आई हैं और कुछ भगवा नेताओं की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बयान दिए गए हैं. उप-राष्ट्रपति के तौर पर 80 साल के अंसारी का दूसरा कार्यकाल 10 अगस्त, गुरुवार को पूरा हो रहा है. इससे पहले हामिद अंसारी ने एक इंटरव्यू में ये कहा कि देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास है. हामिद अंसारी ने ‘स्वीकार्यता के माहौल’ को खतरे में बताते हुए कहा है कि देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है.

अंसारी ने कहा कि उन्होंने असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट सहयोगियों के सामने उठाया है. उन्होंने इसे ‘परेशान करने वाला विचार’ करार दिया कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. राज्यसभा टीवी पर जाने-माने पत्रकार करण थापर को दिए एक इंटरव्यू में जब अंसारी से पूछा गया कि क्या उन्होंने अपनी चिंताओं से प्रधानमंत्री को अगवत कराया है, इस पर उप-राष्ट्रपति ने ‘हां’ कहकर जवाब दिया.