रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने न्यायिक सेवा के 12 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त कराने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है. सरकार ने हाइकोर्ट  की अनुशंसा के आलोक में इन्हें सेवानिवृत्त कराने का प्रस्ताव तैयार किया था.
हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सरकार को भेजे गये पत्र में कहा था कि न्यायिक सेवा के अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय चारित्रिक सेवा से संबंधित अभिलेख और निगरानी की संचिकाओं को देखने के बाद 12 अफसरों को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करने का फैसला हाइकोर्ट ने लिया है. न्यायिक सेवा के अफसरों ने 50 वर्ष की उम्र सीमा भी पूरी कर ली है.  इन न्यायिक अफसराें काे झारखंड सेवा संहिता, 2001 के आलाेक में तीन महीने का नोटिस देने के बदले तीन महीने का वेतन देकर तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करा दिया जाये.  संभवत: अगले कैबिनेट में इस फैसले काे घटनाेत्तर स्वीकृति दी जायेगी.
 न्यायिक सेवा के अफसराें काे जबरन सेवानिवृत्ति का संभवत: यह दूसरा मामला है. तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीके गुप्ता
के कार्यकाल में भी 22 न्यायिक अफसराें काे जबरन सेवानिवृत  किया गया था.