200 रुपये के नए नोट लाने के लिए RBI ने अधिसूचना जारी की

नई दिल्लीः अब ये आधिकारिक ऐलान हो गया है कि रिजर्व बैंक दो सौ रुपये के नोट जारी करेगा. सरकार ने इस बाबत अनुमति दे दी है. हालांकि ये जानकारी नहीं है कि नोट कब से चलन में आएगे.

वित्त मंत्रालय की ओऱ से बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा गया, ”केंद्रीय सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 24 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक बोर्ड की सिफारिशों पर, दो सौ रुपये मूल्य के बैंक नोट को अंकित मल्य के बैंक नोट के रुप में विनिर्दिष्ट करती है.” ध्यान रहे कि रिजर्व बैंक कानून 1934 के तहत 10 हजार रुपये तक के नोट जारी करने का प्रावधान है, लेकिन कब और कितनी कीमत के नोट जारी होगे, इस बारे में सरकार और केद्रीय बैंक के बीच राय-मशविरे के बाद ही फैसला किया जाता है.

नौ महीने मे ये दूसरा मौका है जब एक नयी कीमत के नोट जारी किए जा रहे हैं. इसके पहले 8 नवंबर को 2000 रुपये के नोट जारी करने का ऐलान किया गया था. 200 रुपये के नोट जारी करने के पीछे दलील ये है कि 100 रुपये और 500 रुपये और फिर 500 रुपये औऱ 2000 रुपये के नोट के बीच बड़ा अंतर है. ऐसे में लेन-देन में व्यावहारिक दिक्कतें आती है. इसी के मद्देनजर काफी समय से दो रुपये के नोट लाने पर अटकलें उठती रही, जिसे अब जाकर मंजूर किया गया है.

खास बात ये है कि 200 रुपये के नए नोट की वजह से एटीएम में बदलाव करने की जरुरत नहीं होगी, क्योंकि ज्यादा उम्मीद है कि नए नोट बैंक शाखाओं से ही बांटे जाएंगे. अभी नए नोट की शक्ल नहीं दिखायी गयी है, लेकिन चर्चा है कि ये 50, 500 और 2000 रुपये के नए नोटों की तरह एक ही रंग का होगा. सूज्ञों की मानें तो 200 रुपये के नोट की छपाई बड़े पैमाने पर शुरु कर दी गयी है. साथ ही इसे लांच करने की तारीख भी तय हो गयी है. सरकारी सूत्रों की मानें तो कोशिश यही रहेगी कि बाजार में लाए जाने के बाद इसकी कोई कमी नहीं हो. अभी बाजार में 1 रुपये के अलावा, 10,20, 50, 100, 500 और 2000 रुपये के नोट जारी किए जाते हैं. 1 रुपये के नोट को भारत सरकार जारी करती है और इस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं जबकि बाकी सभी नोट को जारी करने की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक की है और उस पर आऱबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं.

देश में 90 फीसदी से भी ज्यादा लेन-देन नकद में होते हैं. और हैरानी की बात ये है कि लेन-देन का औसत आकार भले ही छोटा हो, लेकिन बाजार में मौजूद नोटों में बड़े नोटों की हिस्सेदारी खासी ज्यादा है. भारतीय स्टेट बैंक की एक रिपोर्ट से ये जानकारी मिली कि औसतन हर 10 में से कम से कम छह नोट 100 और 500 रुपये के कीमत के हैं. अब उम्मीद है कि दो सौ रुपये के नोट आने के बाद ये समीकरण बदलेगा.

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