ग्लासगो: भारत की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल को पहला गेम जीतने के बावजूद शनिवार (26 अगस्त) को यहां विश्व बैडमिंटन चैंपियनिशप के महिला एकल सेमीफाइनल में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा. साइना को इसके साथ ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. जकार्ता में दो साल पहले रजत पदक जीतने वाली साइना ने मुकाबले में अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन कभी हार नहीं मानने के जज्बे के साथ ओकुहारा एमिरेट्स एरेना में होने वाले इस कड़े मुकाबले को जीतने में सफल रही.

दुनिया की 12वें नंबर की जापान की खिलाड़ी पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए एक घंटे और 14 मिनट में साइना को 12-21 21-17 21-10 से हराकर विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली अपने देश की पहली खिलाड़ी बनी. शनिवार के मुकाबले से पहले साइना ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में ओकुहारा पर दबदबा बनाया था और सात मुकाबलों में से छह में जीत दर्ज करने में सफल रही थी.

जापान की खिलाड़ी ने साइना को तेज रफ्तारी वाली रैली में उलझाने के अलावा स्मैश और क्रॉस कोर्ट रिटर्न से काफी परेशान किया. इसके अलावा ओकुहारा के ड्रॉप शॉट भी काफी प्रभावी थे. साइना ने हालांकि शुरुआत में रैली में दबदबा बनाने में सफलता हासिल की. भारतीय खिलाड़ी ने पहले गेम में 9-3 की बढ़त के साथ शुरुआत की और ब्रेक के समय वह 11-5 से आगे थी.

ओकुहारा का तेज खेल शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं दिला पा रहा था और साइना अपने मजबूत डिफेंस की बदौलत हावी रही और 17-10 की बढ़त बना ली. ओकुहारा ने इसके बाद वीडियो रैफरल पर अंक गंवाया जिससे वह 18-10 से पिछड़ गई. जापान की खिलाड़ी ने नेट पर शानदार खेल से दो अंक जुटाए लेकिन इसके बाद उन्होंने अपना शॉट नेट पर उलझाकर साइना को आठ गेम प्वॉइंट दिए. भारतीय खिलाड़ी ने विरोधी खिलाड़ी के शरीर पर स्मैश के साथ पहला गेम जीत लिया.

कोर्ट पर साइड बदलते ही हालांकि ओकुहारा का खेल भी बदल गया. साइना कुछ रिटर्न को बखूबी लौटाने में विफल रही जिससे ओकुहारा ने 4-0 की बढ़त बनाई. जापान की खिलाड़ी ने इसके बाद बढ़त को 8-4 तक पहुंचाया. ओकुहारा ने इसके बाद कुछ शाट बाहर मारे और साइना ने इसका फायदा उठाते हुए 9-9 पर स्कोर बराबर कर दिया. जापान की खिलाड़ी ने हालांकि ब्रेक तक 11-10 की मामूली बढ़त बना ली थी. ब्रेक के बाद साइना को फोरहैंड और बैकहैड दोनों रिटर्न में परेशानी हुई जिससे जापान की खिलाड़ी ने 14-11 की बढ़त बनाई. भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि वापसी करते हुए 15-15 पर स्कोर बराबर कर दिया. साइना ने इसके बाद बेसलाइन पर शाट की लंबाई समझने में गलती की जिससे ओकुहारा 17-16 से आगे हो गई.

साइना ने स्मैश के साथ 17-17 से बराबरी हासिल की, लेकिन ओकुहारा ने बैकहैंड फ्लिक से स्कोर 18-17 कर दिया और फिर बढ़त को 19-17 तक पहुंचाया. साइना ने इसके बाद स्मैश बाहर मारकर विरोधी खिलाड़ी की झोली में तीन ब्रेक प्वॉइंट डाले. ओकुहारा ने क्रास कोर्ट स्मैश के साथ दूसरे गेम जीतकर मैच को तीसरे और निर्णायक गेम में खींचा.

निर्णायक गेम में साइना ने शुरुआत में 3-1 की बढ़त बनाई लेकिन ओकुहारा ने जल्द ही वापसी करते हुए रैली में दबादबा बनाया. जापान की खिलाड़ी ने लगातार पांच अंक के साथ 6-3 की बढ़त बनाई. साइना ने इसके बाद दो शॉट बाहर मारे और एक शॉट नेट पर उलझाया जिससे ओकुहारा ब्रेक तक 11-4 से आगे थी.

साइना ने इसके बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन वह थकी हुई लग रही थी और उन्होंने कई शॉट बाहर भी मारे जिससे ओकुहारा ने 16-7 की बढ़त बना ली. ओकुहारा ने बढ़त को 19-9 तक पहुंचाया. साइना ने एक बार फिर शॉट बाहर मारकर ओकुहारा को 11 मैच प्वॉइंट दिए. साइना ने ड्रॉप शॉट के साथ एक मैच प्वॉइंट बचाया लेकिन जापान की खिलाड़ी ने बेसलाइन पर शानदार रिटर्न के साथ गेम और मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया.

साइना ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक गेम से आगे होने के बावजूद मैच हारना निराशाजनक था. लेकिन कुल मिलाकर मैं खुश हूं कि हाल में चोट से उबरने के बाद वापसी करते हुए मैं सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही. मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और मैं इससे संतुष्ट हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहले गेम के बाद उसने (ओकुहारा) लंबी रैली जीतना शुरू कर दिया और यही मुख्य कारण है कि वह मैच में वापसी कर पाई.’’

दूसरी तरफ ओकुहारा ने कहा कि वह बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी को हराकर खुश हैं. ओकुहारा ने कहा, ‘‘आज जब मैं जूझ रही थी तो मैंने मारिन के खिलाफ पिछले मैच के बारे में सोचा और इसके कारण मैं कहीं बेहतर खेल पाई. मैं फाइनल में रुकना नहीं चाहती, मैं स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं.’’