भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘जियो और जीने दो” के सिद्धांत को सर्वव्यापी और सर्वमान्य बनाने के लिए सामाजिक स्तर पर सघन प्रयास करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा है कि इस दिशा में समाज में चेतना जागृत करने के लिए प्रबुद्धजन आगे आयें। श्री चौहान आज कैम्पियन स्कूल में श्री जैन श्वेताम्बर सकल समिति भोपाल के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में क्षमा याचना की और तपस्वी श्री शीतल कोठारी, श्री अशोक नाहटा और श्री विशाल बाफना का सम्मान किया। कार्यक्रम में मुंबई से आये धर्मसेवी श्री गिरीश भाई शाह भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा‍कि अहिंसा परमधर्म के सिद्धांत को सभी लोग जीवन में उतार लें, तो विश्व में शाश्वत शांति का दर्शन होगा। सारी उथल-पुथल और झगड़े समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षमा वही कर सकता है, जिसने स्वयं को जीत लिया हो, वही महावीर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बेटियों को बचाने और पढ़ाने की जरूरत बताई और मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। श्री चौहान ने उपस्थितजनों को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रभु पार्श्वनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्री बृजेश लूणावत, सकल संघ सचिव श्री प्रदीप लूनिया, श्री राहुल कोठारी एवं बड़ी संख्या में श्री जैन श्वेताम्बर समाज के सदस्य उपस्थित थे।