नयी दिल्ली : जदयू के बागी नेता और सांसद शरद यादव ने कहा कि वह पिछले तीन साल से पार्टी को सही रास्ते पर लाने की कोशिश में लगे थे. सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करूंगा और अब मैं पार्टी से आजाद हो गया हूं.

यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौजूदा समय में देश की स्थिति नाजुक है और इसलिए पूरे देश में साझी विरासत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए कहा कि पुराने लोगों का साथ छोड़ने का दुख है.

राज्यसभा की सदस्यता समाप्त करने को लेकर सभापति को जदयू द्वारा लिखे गये पत्र के बारे में शरद ने कहा कि मैं पूर्व में कई बार इस्तीफा दे चुका हूं. यादव ने कहा कि मौजूदा एनडीए अटल और आडवाणी के एनडीए से अलग है और नये एनडीए का कोई राष्ट्रीय एजेंडा नहीं है.

काले धन अाैर आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया गया. लेकिन रिजर्व बैंक के आंकड़ों से सरकार की नाकामी उजागर हो गयी है. उन्होंने नोटबंदी को पूरी तरह से विफल करार दिया.

मोदी सरकार ने चुनाव के दौरान दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन नोटबंदी के कारण छोटे और लघु उद्योगों के बंद होने और रियल इस्टेट सेक्टर में गिरावट के कारण तीन करोड़ लोग बेरोजगार हो गये.

नोटबंदी को पूरी तरह विफल करार देते हुए कहा कि बैंकों की क्रेडिट वृद्धि पिछले 60 साल में सबसे निचले स्तर 44 फीसदी पर पहुंच गयी है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री निचले स्तर पर है. रिजर्व बैंक के आंकड़े के अनुसार, नोटबंदी से लगभग 16 हजार करोड़ रुपये का कालाधन वापस आया, लेकिन इसके लिए रिजर्व बैंक को आठ हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं.