बेंगलुरु। वरिष्ठ पत्रकार और हिंदुत्ववादी राजनीति की आलोचक रही गौरी लंकेश की मंगलवार शाम बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई है| अज्ञात हमलावरों की गोलियों का शिकार हुईं बेंगलुरु की पत्रकार गौरी लंकेश । उनकी हत्या से कर्नाटक की राजनीति में उबाल आ सकता है। असहिष्णुता को लेकर भी एक बार फिर बहस छिड़ सकती है।

गौरी लंकेश की राज राजेश्वरी नगर स्थित उनके घर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 4 अज्ञात हमलावरों ने गौरी लंकेश के घर मेंं घुसकर इस घटना को अंजाम दिया है और पुलिस सघनता से उनकी तलाश कर रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक अज्ञात हमलावरों ने उन्हें काफी नजदीक से 3 गोलियां मारी जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

जांच के बाद ही कुछ कहेंगे : पुलिस

कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आरके दत्ता ने बताया कि बेंगलुरु के राज राजेश्वरी नगर स्थित लंकेश के निवास के बाहर ही अज्ञात लोगों ने उन्हें गोली मारी है। दत्ता ने बताया कि हाल की उनकी मुलाकातों में गौरी ने कभी-भी अपनी जान को खतरा होने की बात नहीं कही थी। जब उनसे पूछा गया कि गौरी लंकेश की हत्या कौन कर सकता है, तो उन्होंने कहा कोई भी अनुमान लगाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले जांच हो जाने दीजिए।

तीन पुलिस टीमें बनाईं : सीएम

कर्नाटक के मुख्ममंत्री सिद्धरमैया ने हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि दोषियों को पता लगाने के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं। गौरी की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। वह आज ही गांधीनगर से लौटी थीं। प्रहलाद जोशी मानहानिकेस में हार गई थी उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता प्रहलाद जोशी ने गौरी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था, जिसमें वह दोषी पाई गई। उनके अखबार में कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट छपी थी। 50 साल को ऊपर की आयु वाली गौरी कन्नड़ के टैब्लाइड “गौरी लंकेश पत्रिका” की संपादक थीं। वह कुछ प्रकाशनों की भी मालिक थीं।