पटना : सीबीआई राजद प्रमुख सह तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे सह पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ दोबारा नोटिस जारी करेगा. जल्द ही इसके खिलाफ दूसरी बार नोटिस जारी करके इन्हें उपस्थित होने के लिए नयी दिल्ली बुलाया जायेगा.

ताकि इनसे तत्कालीन रेलमंत्री के कार्यकाल में हुए करोड़ों के रेल रत्न होटल आवंटन घोटाला से जुड़ी बातों पर गहन पूछताछ की जा सके. इनके बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव से उस कंपनी के बारे में पूछताछ होगी, जिसमें वे अपनी मां राबड़ी देवी के साथ निदेशक हैं.

इसी कंपनी के नाम पर करोड़ों की जमीन दलाली के रूप में सुजाता और चाणक्य होटल ग्रुप के मालिकों कोचर बंधुओं ने ट्रांसफर की थी. शहर के प्रमुख इलाके सगुना मोड़ के पास मौजूद इस जमीन पर राज्य का सबसे बड़ा मॉल बन रहा था. इस मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद उनकी पत्नी और छोटे बेटे समेत आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाकर एफआईआर भी दर्ज की थी. इसी क्रम में सीबीआई की टीम उनके पटना स्थित आवास पर जुलाई महीने में छापेमारी भी कर चुकी है.

सीबीआई ने इस मामले में आगे की पूछताछ करने के लिए लालू प्रसाद को 11 सितंबर तथा तेजस्वी प्रसाद यादव को 12 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था. परंतु लालू प्रसाद और तेजस्वी ने सीबीआई को लिखित रूप में निजी कारण बताते हुए नयी दिल्ली आकर सीबीआई मुख्यालय में पेश होने से मना कर दिया है. उन्होंने रांची में चल रही सीबीआई कोर्ट में लगातार हो रही अपनी पेशी का भी हवाला दिया है.

हालांकि इस मामले में जानकारों का कहना है कि सीबीआई पेशी के मामले में लालू प्रसाद के लिए बहाना बन सकता है, लेकिन तेजस्वी के लिए यह बहाना उपर्युक्त साबित नहीं होगा.

सीबीआई अगली नोटिस जल्द ही जारी करके इन्हें फिर से नयी दिल्ली हाजिर होने के लिए कहेगी. लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को अलग-अलग बुलाया जायेगा. इनकी पूछताछ भी फिलहाल अलग ही होगी. यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है. पूर्व सीएम राबड़ी देवी से भी पूछताछ हो सकती है, लेकिन उन्हें नयी दिल्ली नहीं बुलाया जा सकता है. लगातार तीन-चार नोटिस की अवहेलना करने पर इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है.