भोपाल :मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से आतंकवाद, भ्रष्टाचार, गरीबी, गंदगी, सम्प्रदायवाद और जातिवाद मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे भारत के निर्माण में ही जीवन की सार्थकता है। केवल सफल नहीं सार्थक जीवन जरूरी है। वे आज आकाशवाणी और दूरदर्शन पर “दिल से” कार्यक्रम में युवाओं से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम की श्रंखला की दूसरी कड़ी है। इसका शुभारंभ किसानों के साथ संवाद से हुआ था।

श्री चौहान ने कहा कि युवाओं का भविष्य खराब नहीं होने देंगे क्योंकि वे प्रदेश और देश का भविष्य हैं।

युवाओं को दी सीख

मुख्यमंत्री ने युवाओं को कई अनमोल सीख दी। हमेशा माता-पिता का सम्मान करें। आदर करें। माता-पिता जीवन देते हैं तो गुरू जीवन बनाता है इसीलिये गुरू का सम्मान करें। भारतीय संस्कृति अद्भुत है। पूर्वजों के प्रति आदर व्यक्त करने की परम्परा है। सरकार हमेशा सहयोगी भूमिका में होती है आगे बढ़ने के लिये स्वयं कदम बढ़ायें। सरकार हमेशा साथ रहेगी। सबमें प्रतिभा है। कोई छोटा-बड़ा नहीं है। सवाल केवल प्रतिभा के प्रगटीकरण का है। जो जैसा सोचता है और करता है वह वैसा ही बन जाता है। हमारी सोच ही हमारे व्यक्तित्व को बनाती है।

ब्लू व्हेल गेम के काल्पनिक संसार से बचो

श्री चौहान ने ब्लू व्हेल जैसे गेम से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि इस काल्पनिक संसार से दूर रहो। यह जिन्दगी खराब कर देते हैं। अपनी शक्ति और अपनी क्षमता पहचानो। कभी निराश मत हो। ऊर्जा से भरे रहो। जिन्दगी में उतार-चढ़ाव से घबराओ मत। सरकार से भी अपनी समस्याएँ साझा कर सकते हैं।

बड़ा बनने की पाँच बातें

श्री चौहान ने कहा कि बड़ा बनने के लिये सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा रखना। आत्म-विश्वास से भरे रहना। स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए श्री चौहान ने कहा युवाओं की क्षमता और प्रतिभा में कोई कमी नहीं है। जो चाहोगे कर गुजरोगे। दूसरी जरूरी बात है कि लक्ष्य तय करो। तीसरा लक्ष्य तय करने के बाद उसे प्राप्त करने के लिये दृढ़ संकल्प करो। चौथी बात लक्ष्य प्राप्त करने का रोडमैप बनाओ और पाँचवीं बात रोडमैप पर चलने के लिये कठिन परिश्रम करो। केवल सफल जीवन नहीं, सार्थक जीवन जरूरी है। श्री चौहान ने महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन के प्रेरक संस्मरण सुनाये।

‘थ्री इडियट’ फिल्म का उदाहरण

श्री चौहान ने कहा कि अच्छी शिक्षा जिन्दगी बना देती है। इसलिये मन लगाकर पढ़ों। रटने का काम मत करो। उन्होंने “थ्री इडियट” फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि विषय को रटना नहीं, समझना है। अपनी प्रतिभा का स्वाभाविक विकास होने देना चाहिये। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों से स्नेह से पेश आयें। केवल रटवाने से काम नहीं चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पढाई को आसान बनाने के लिये कई पहल की गई है जैसे पहली से बारहवीं तक की किताबें, आठवीं कक्षा तक गणवेश, स्कूल जाने के लिये साइकिल, स्कालरशिप, बारहवीं में 85 प्रतिशत अंक लाने पर लेपटाप, कॉलेज में एडमिशन लेने पर स्मार्ट फोन। स्मार्ट फोन का उपयोग ज्ञान के लिये करें। गाँवों में जो बेटिया 60 प्रतिशत अंक लाती है वो गाँव की बेटी कहलाती है। कालेज की पढ़ाई के लिये अलग से 5 हजार रूपये सालाना मिलते हैं।

श्री चौहान ने कहा हर ब्लाक में उत्कृष्ट विद्यालय खोले गये हैं। कन्या शिक्षा परिसर बन रहे हैं। ज्ञानोदय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। मजदूरों के बच्चों के लिये श्रमोदय विद्यालय अगले साल शुरू हो जायेंगे।

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि बारहवीं बोर्ड में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने और राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश लेने पर सरकार फीस भरेगी। उन्होंने कई ऐसे विदयार्थियों का उल्लेख लिया जिनकी फीस सरकार भरेगी। इनमें अनूपपुर जिले के केल्होरी के श्री सुयश नामदेव-आई.आई.टी. खड़गपुर, श्री पवन मंडलोई -श्री अरविंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, इंदौर, भोपाल की कुमारी शुभांगी बागरे -स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर, भोपाल, इंदौर की कुमारी अनुज्ञा मुकाती -एनएलआईयू, भोपाल, रीवा के गोरगांव की कुमारी जस्मिन पटेल -एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर में चयन हुआ है। बैतूल जिले के गाँव ओहर की कुमारी किरन आप्टे इंडियन इंस्टीट्यूट इनफार्मेशन टेक्नालॉजी भोपाल में है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं का परिश्रम व्यर्थ नहीं जायेगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे लगन और मेहनत से पढ़कर इन योजनाओं का लाभ उठायें।

श्री चौहान ने ऐसे बच्चों का भी उल्लेख किया जो गरीबी और अभावों में रहने के बावजूद परीक्षा में अव्वल रहे। उन्होंने बैगा जनजाति की सुश्री गीता टेकाम एकलव्य विद्यालय मंडला, दसवीं में 93.4 प्रतिशत नंबर लाने वाली माधुरी वारासिया, 92.34 प्रतिशत अंक लाने वाली कु. कुसुम कांजले हरदा, 91.01 प्रतिशत अंक लाने वाली छिंदवाड़ा की कु. प्रियाशु बारंगे का उल्लेख किया। खंडवा जिले के 94.83 प्रतिशत अंक लाने वाले श्री अभिषेक पटेल और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार में रहते हुए इन बच्चों ने चमत्कार कर दिया और अन्य युवाओं के लिये प्रेरणा बन गये।

श्री चौहान ने सीहोर की प्रीति मैथिल का भी जिक्र किया जिन्होंने टयूशन पढ़ाकर खुद पढ़ाई की और यू.पी.एस.सी. में 92वाँ स्थान कर रीवा जिले की कलेक्टर की जिम्मेदारी सम्हाल रही हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि थोड़ी सी लगन और परिश्रम से आसमान छू सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खेल अकादमियों से निकली खेल प्रतिभाओं की भी चर्चा की जिन्होंने गरीब परिवारों से आने के बावजूद राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया।

श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्किल डेवलपमेंट मिशन की चर्चा करते हुए कहा कि एक तरफ बेरोजगारों की संख्या है और दूसरी तरफ हुनरमंद लोग नहीं मिलते। यदि युवाओं को हुनर दे दें तो और रोजगार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने मध्यप्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन और आईटीआई को उन्नत बनाने के प्रयासों की चर्चा करते हुए बताया कि संभागीय मुख्यालयों पर उत्कृष्ट आईटीआई स्थापित किये जा रहे हैं। हर साल साढ़े सात लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार प्राप्त करने योग्य बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल में बन रहा है जिसमें हजारों युवा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहाकि नौकरी देने वाले बनें। इसके लिये मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का लाभ उठायें। लघु और कुटीर उद्योगों का विस्तार करने में युवाओं की मुख्य भूमिका है। लोन की गारंटी सरकार लेगी। उन्होंने ऐसे कई युवा उदयमियों का उल्लेख किया जो आज सफल उद्यमी हैं और कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इनमें सिवनी के श्री रजत ताम्रकार, सीहोर के श्री अनुराग सोडानी, जबलपुर की श्रीमती मधुराज, ग्वालियर के श्री राजीव भिलवारे, जबलपुर के श्री दुर्गेश धुर्वे और नीमच के श्री शैलेन्द्र धाकड़ प्रमुख हैं।

समाज के लिये भी काम करें

श्री चौहान ने युवाओं से कहा कि उनका जीवन देश और समाज के लिए भी है। उन्होंने आव्हान किया कि हर युवा कोई न कोई काम समाज के लिये जरूर करे। उन्होंने भोपाल की 11 वर्षीय मुस्कान का उल्लेख किया जो झुग्गी बस्ती में लायब्रेरी चला रही है। गरीब बच्चों के लिये खिलौने इकट्ठे कर सकते हैं। पेड़ लगाने, पर्यावरण बचाने के काम में योगदान दे सकते हैं। नर्मदा बचाने, नदियाँ बचाने का काम कर सकते हैं। नर्मदा सेवक बन सकते हैं। उन्होंने सदगुरू जग्गी वासुदेव द्वारा शुरू किये गये नदियों को बचाने के अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे अभियान से जुड़ सकते हैं। समाज को नशा मुक्त बनाने का अभियान चला सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म-दिन की चर्चा करते हुए कहा कि स्वच्छता को समर्पित कर हम उनका जन्म-दिन मना सकते हैं। नये भारत के लिये नया मध्यप्रदेश बनाना सबका काम है। सब मिलकर मध्यप्रदेश बनायें। कार्यक्रम, नीतियाँ बनाने में सहयोग करें।

युवाओं से मांगे सुझाव

श्री चौहान ने युवाओं से एमपी माय गव एमपी एप पर सुझाव माँगे। अच्छे सुझाव देने वाले युवाओं का भी उल्लेख किया। इनमें राजगढ़ (ब्यावरा) के श्री अनिल सिरिया ने सुझाव दिया कि बी-1 खसरा की नकल एमपी ऑनलाईन से निकालना चाहिए। भोपाल के मिलिन नामदेव ने सुझाव दिया कि दूरदराज के स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्यापन होना चाहिये। विदिशा के ग्राम कुल्हार के श्री अजीत ओझा ने सुझाव दिया कि कुल्हार में पर्यावरण और जल सुधार में अच्छा कार्य हुआ है इसे ईको टूरिज्म की दृष्टि से प्रचारित करना चाहिये। उदयपुरा (रायसेन) के श्री आशीष बिलथिरिया ने सुझाव दिया कि सम्पत्ति की ऑनलाईन रजिस्ट्री को देखते हुए सॉफ्टवेयर में ऐसी व्यवस्था करें कि नामांतरण, सीमांकन करना है या नहीं इसकी पुष्टि समय पर हितग्राही से हो जाये। इससे समय और धन बचेगा। विदिशा के श्री योगेश राठौर ने बरसाती नदियों और मुख्य नदियों को एक किलोमीटर तक 40 फीट गहरा करने सुझाव दिया।

गायक पलक मुछाल की मानवीय पहल का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने ‘‘पलक मुछाल हार्ट फाउण्डेशन’’ के माध्यम से पिछले 16 वर्षों में लगभग 1000 गरीब बच्चों को हृदय के इलाज के लिए तीन करोड़ से अधिक की राशि दान में दी है। इस उदाहरण से प्रेरणा लेना चाहिये। उन्होंने युवाओं को समाज के लिए जीने का संकल्प दिलाया।

मुख्यमंत्री आई टी कौशल केन्द्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला मुख्यालयों पर आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उत्कृष्ट स्कूल में मुख्यमंत्री आई टी कौशल केन्द्र की स्थापना की जायेगी। इन केन्द्रों से बच्चे कौशल भी प्राप्त कर सकेंगे और इन केन्द्रों का उपयोग ऑनलाईन परीक्षा के लिए भी किया जा सकेगा।

उत्कृष्ट विज्ञान संस्थानों के भ्रमण की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और विज्ञान में रूचि जाग्रत करने के लिये उत्कृष्ट विज्ञान संस्थानों जैसे इसरो, भाभा एटामिक सेंटर, हिन्दुस्तान एयरोनाटिक, विभिन्न एम्स, आईआईटी का शैक्षणिक भ्रमण करने की योजना प्रारंभ की जायेगी। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के लिये पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाडियों को सीधे शासकीय नौकरी में नियुक्ति दी जायेगी। उन्होंने युवाओं से प्रदेश की योजनाओं में सुधार करने, नई योजनाएँ बनाने, प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिये सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि ट्वीटर, फेसबुक, शिवराज सिंह चौहान एप्प, एम.पी.माय गव.इन पर सुझाव दिये जा सकते हैं।