शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये सम्मान निधि दी जाएगी

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश और समाज की रक्षा करते हुये शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों का स्वरूप बदला जायेगा। इन कार्यक्रमों से आमजन और विद्यार्थियों को जोड़ा जायेगा। शहीदों के गाँवों में उनके स्मारक बनाये जायेंगे और उनकी शौर्य गाथाओं की प्रदर्शनियाँ लगाई जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ पुलिस स्मृति दिवस परेड कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस अवसर बताया कि शहीदों के परिजनों को राज्य शासन द्वारा एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि देने का फैसला किया गया है।

श्री चौहान ने शहीदों के प्रति आदर व्यक्त करते हुये कहा कि प्रदेशवासी शहीदों के प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज की रक्षा करते हैं। वे न केवल कठिन परिस्थितियों में अपने प्राण हथेली पर रखकर कानून-व्यवस्था कायम करते हैं, बल्कि बाढ़, आगजनी आदि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी आमजन की मदद करते हैं। समाज को पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि अगले वर्ष से शहीद पुलिसकर्मियों के स्मारकों पर मंत्रीगण और विद्यार्थियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीदों के परिजनों को प्रणाम करते हुये कहा कि सरकार और समाज उनके साथ हैं। वे खुद को अकेला नहीं समझें, पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी को केवल नौकरी न समझा जाये, यह देश और समाज की सच्ची सेवा है। श्री चौहान ने कहा कि हमें मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस जवानों ने असाधारण शौर्य का परिचय देते हुए प्रदेश में डकैत समस्या का खात्मा किया, नक्सल और आतंकवाद की गतिविधियों को नियंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस मौके पर छतरपुर में विगत दिनों ड्यूटी के दौरान शहीद पुलिसकर्मी श्री बालमुकुन्द प्रजापति, रायसेन जिले में शहीद जवान श्री इंद्रसेन तथा भोपाल केन्द्रीय जेल से भागे सिमी के आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद प्रधान आरक्षक श्री रमाशंकर यादव की शहादत को याद किया। उन्होंने बताया कि अभी तक देश में 35 हजार 700 पुलिसकर्मी शहीद हुये हैं। इनमें बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के पुलिसकर्मी शामिल हैं।

पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने इस अवसर पर बताया कि देश की एकता, अखण्डता और शांति-व्यवस्था कायम करने में पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते। मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न अवसरों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज में आतंरिक शांति कायम करना कठिन कार्य है, जिसे पुलिस ने कर दिखाया है।

कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस बैण्ड की सलामी धुन के साथ परेड द्वारा मुख्यमंत्री श्री चौहान का अभिवादन किया गया। पाल-बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची का प्रस्तुतीकरण किया गया और उसका स्मारक कोष में संस्थापन किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, मेजर जनरल श्री टी.पी.एस रावत, कोर कमाण्डर श्री अजय चौहान एवं अन्य पुलिस अधिकारियों और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों द्वारा वीरगति को प्राप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से भी भेंट की और उन्हें ढ़ाढंस बंधाते हुये कहा कि सरकार उनके साथ है।

पुलिस स्मृति दिवस परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मराज मीणा ने किया। परेड के टू-आई-सी राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक जबलपुर डॉ. संतोष डेहरिया थे। परेड में महिला बल, विशेष सशस्त्र बल, जिला बल, नगर सेना, अश्वरोही दल और श्वान दल की टुकड़ियाँ शामिल हुईं।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री के.एन. तिवारी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेवा निवृत्त पुलिस अधिकारी, शहीदों के परिजन और वरिष्ठ नागरिक भी मौजूद थे। सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्रा ने शहीद पुलिस अधिकारियों की नामावली का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त प्लाटून कमाण्डर एस. रिजवी ने किया।

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