मुजफ्फरपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री सह राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने यूपी चुनाव में भाजपा की जीत पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी की हार व भाजपा की जीत के लिए सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेवार हैं. संघमुक्त भारत का नारा देने के बाद भी पूरे चुनाव में वे बिल्कुल ही मौन रहें. कभी भी भाजपा व पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों के विरोध में कुछ नहीं बोला. इसलिए भाजपा की जीत आसान हुई. उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए भारत में धर्मनिरपेक्ष सभी पार्टियों को एकजुट होकर संयुक्त रूप से मोरचा बनाने की जरूरत है. इसके लिए सभी पार्टियों को एक साथ मिलकर बैठक करनी होगी. इसमें सर्वमान्य नेता का भी चयन करना होगा. उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव से महागंठबंधन सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है.यूपी में वोटों का ध्रुवीकरण हुआ है. वहीं, धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के आपसी विरोध के कारण वोटों का बिखराव हुआ. इसलिए फायदा भाजपा को मिला है.
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह लगातार गंठबंधन धर्म को तोड़ते आ रहे हैं. उन्होंने रघुवंश प्रसाद सिंह को राजनीति का शिखंडी बताते हुए कहा कि उनको राजनैतिक धर्म का ज्ञान नहीं है.  वो एक ओछी राजनीति करने वाले नेता बन कर रह गये हैं. राजनीति में इनकी औकात दो कौड़ी की भी नहीं है, लेकिन बात लाखों की करते हैं. उन्होंने  कहा कि वो ऐसे बोलते हैं जैसे विपक्ष के नेता बोल रहे हों. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागंठबंधन के सर्वमान्य नेता हैं.
लेकिन रघुवंश प्रसाद सिंह का नीतीश कुमार पर हमला बरदाश्त के बाहर है. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को ऐसे बड़बोले नेता पर कार्रवाई करनी चाहिए.  उन्होंने कहा कि अब रघुवंश प्रसाद सिंह का जदयू के नेता  नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देना जदयू के कार्यकर्ता बरदाश्त नहीं करेंगे. हम भी उनके खिलाफ मोरचा खोलेंगे.