धोनी की यह बात सुन नदीम का क्यों बढ़ा विश्वास

अमित कुमार, नई दिल्ली
के लिए वह शाम भी हर शाम की तरह आम थी, जब वह अपनी प्रैक्टिस के बाद अपने कमरे में आए और अपने फोन को साइलेंट मोड पर रखकर रोजाना की तरह रूम में ही नमाज पढ़ने चले गए। नमाज के बाद नदीम बेड पर लेटकर अपना फोन चेक करने लगे। उनके फोन पर कुछ अनरीड मेसेज और कुछ मिस्ड कॉल थे। इन मेसेज में एक मेसेज ऐसा था, जिसे पढ़कर वह हैरान रह गए। यह मेसेज था भारतीय टेस्ट टीम में उनके चयन का।

इस मेसेज को पढ़ने के बाद इस लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाज के पास सिर्फ 24 घंटे का ही समय था, जब उन्हें कोलकाता रांची पहुंचना था। सालों का देखा उनका सपना पूरा होने को था। शाहबाज नदीम का नाम रांची टेस्ट के लिए तब टीम इंडिया में आया, जब कुलदीप यादव इस टेस्ट से एक दिन पहले चोटिल हो गए। कुलदीप के कंधे में चोट थी। नदीम रोड ने ही कोलकाता से रांची का अपना सफर तय किया।

शाहबाज नदीम ने हमारे सहयोगी ‘टाइम्स ऑफ इंडिया.कॉम’ से बात करते हुए कहा, उनके टेस्ट डेब्यू का इंतजार थोड़ा लंबा जरूर रहा लेकिन इस इंतजार का फल और भी मीठा था। नदीम को अपने गृह नगर रांची में न सिर्फ अपने इंटरनैशनल डेब्यू का मौका मिला बल्कि उनका परफॉर्मेंस भी शानदार रहा। भारतीय टीम ने इस टेस्ट मैच में पारी और 202 रनों से जीत दर्ज की।

नदीम ने बताया, ‘रांची टेस्ट से सिर्फ एक दिन पहले मुझे कॉल आया कि मुझे बतौर बैकअप स्पिनर टीम में शामिल किया गया है। मुझे इस बात बिल्कुल भनक नहीं थी मुझे यहां अपने देश के लिए डेब्यू का मौका मिलेगा। मैंने बस अपना बैग बांधा और रांची के लिए निकल पड़ा। देर रात मैं रांची पहुंच गया।’

नदीम ने बताया, ‘कई घंटों के लंबे सफर के बाद अगली सुबह जब मैं जागा, मेरे कानों ने जो सुना वह बहुत शानदार था। विराट (कोहली) मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि आज आप खेल रहे हैं। मैं हैरान भी था और बहुत खुश भी। मैं बहुत खुश था, जब उन्होंने मुझे मैदान पर टेस्ट कैप सौंपी। मेरे लिए यह लम्हा सपना सच होने जैसा था। मेरी कड़ी मेहनत का फल मुझे मिल रहा था। यह मेरे हमेशा यादगार पल रहेगा।’

अपने घर रांची में अपने टेस्ट करियर की शुरआत करने वाले नदीम ने इस टेस्ट में कुल 4 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने टेंबा बवूमा और एनरिच नोर्तजे को पहली पारी में अपना शिकार बनाया तो दूसरी पारी में अंतिम दो विकेट के रूप में उन्होंने थेयुनिस डि ब्रूयन और लुंगी गिडी को अपना शिकार बनाया।

नदीम के इन दो विकेटों के साथ ही भारत ने पहली बार साउथ के खिलाफ किसी टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत दर्ज की। 30 वर्षीय इस गेंदबाज को अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने शायद कुछ लंबा समय लग गया। नदीम में साल 2004 में केरला के खिलाफ जमशेदपुर में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 111 प्रथम श्रेणी मैच खेले।

इस लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाज ने कहा, ‘अपने प्रदर्शन से मैं खुश हूं। मैं लंबे समय से इस मौके का इंतजार कर रहा था और आखिरकार जब मुझे मौका मिला तो मैं चाहता था कि हर क्षण पर खुद को साबित करूं।’ प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अलावा 106 लिस्ट A मैच खेल चुके नदीम ने कहा, ‘मैंने अपनी घरेलू क्रिकेट का सारा अनुभव झोंक दिया’

मैच खत्म होने के बाद नदीम के प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ हो रही थी। लेकिन मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में पहुंचे नदीम के लिए कुछ खास यहां भी था। यह था भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी।

झारखंड के लिए कई मौकों पर नदीम और धोनी एक साथ प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे हैं और इन दोनों खिलाड़ियों ने साथ मिलकर काफी क्रिकेट भी खेला है। जब धोनी ने नदीम के प्रदर्शन की तारीफ की तो नदीम का विश्वास और भी बढ़ गया।

नदीम ने बताया, ‘मैं मैच के बाद जैसी ही धोनी भाई से मिला। मैंने उनसे पूछा, ‘माही भाई मैं कैसा खेला?’ उन्होंने कहा, ‘शाहबाज अब तुम परिपक्व नजर आ रहे हो।’ मैं तुम्हारी बोलिंग देख रहा था। अब तुम्हारी बोलिंग में परिपक्वता नजर आ रही है। यह सब तुम्हारे घरेलू क्रिकेट के अनुभव का ही नतीजा है। बस अब ज्यादा कुछ प्रयोग करने की कोशिश मत करना और यूं ही खेलते रहना जिस तरह तुम अब तक खेलते आए हो। तुम्हारी यात्रा अब शुरू हुई है।’

जब शाहबाज से यह पूछा गया कि मान लीजिए अगर धोनी ने क्रिकेट के इस सबसे लंबे प्रारूप से अभी संन्यास नहीं लिया होता और इस बार आप दोनों एक साथ भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होते, जिसमें आपका डेब्यू हो रहा होता, तब आपको कैसा लगता?
शाहबाज ने इस सवाल पर मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि अगर ऐसा होता तो मेरी खुशी दोगुनी हो गई होती। हम दोनों ने झारखंड के लिए एक साथ काफी क्रिकेट खेली है। अगर हम दोनों भारतीय टीम के लिए एक ही प्लेइंग इलेवन का हिस्सा तो होते तो यह मेरे लिए बहुत-बहुत खुशी वाली बात होती।’

नदीम ने धोनी की प्रशंसा करते हुए आगे कहा, ‘वह महान खिलाड़ियों की श्रेणियों में शुमार हैं इसके बावजूद वे बेहद विनम्र हैं।’

Source: Sports

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