हर व्यक्ति हरियाली अमावस्या पर कम से कम एक पौधा लगाए : शिवराज सिंह चौहान

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नई दिल्ली (PIB) : केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार, 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर नई दिल्ली के पीबीजी ग्राउंड, सेंट्रल रेंज, तालकटोरा स्टेडियम के पास सैकड़ों साथियों के साथ पौधरोपण करेंगे। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान के वृक्ष मित्र अभियान से जुड़े देशभर के हजारों सदस्य भी उनके आह्वान पर अपने-अपने गांवों और शहरों में पौधरोपण करेंगे। इस अवसर पर देशभर में 50 हजार से भी अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।

हरियाली अमावस्या प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या का पावन पर्व है। हमारे हर पर्व के पीछे एक वैज्ञानिक दृष्टि और जीवन को बेहतर बनाने का संदेश छिपा है। हरियाली अमावस्या प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का पर्व है। चारों ओर खेतों में फैली हरियाली और नई फसल आने की उम्मीद मन को आनंद से भर देती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों में नहीं, बल्कि वृक्षारोपण करके व्यक्त करना चाहिए।

वृक्ष मित्र परिवार के हजारों सदस्य लगाएंगे पौधे

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, वृक्ष मित्र परिवार के सदस्यों ने संकल्प लिया है कि वे 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या, अपने-अपने गांव, शहर और पंचायतों में पौधरोपण करके मनाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी इस दिन दिल्ली में अपने साथियों के साथ पौधरोपण करूंगा। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि, हरियाली अमावस्या के इस पावन पर्व को एक पौधा लगाकर अविस्मरणीय बनाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

हर व्यक्ति लगाए एक पौधा

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण की रक्षा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सुंदर भविष्य की नींव रखना है। उन्होंने सभी वृक्ष मित्रों और देशवासियों से आह्वान किया कि 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन एक पेड़ जरूर लगाएं। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, पौधरोपण के अपने संकल्प में आगे 5 लोगों को जोड़ें और वो पांच लोग भी अपने साथ 5-5 लोगों को जोड़ें, ताकि यह अभियान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि, पौधरोपण की जानकारी, फोटोज़ shivrajsinghchouhan.co.in वेबसाइट पर अपलोड करें, ताकि यह अभियान जन-जन की भागीदारी का अभियान बने।

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