रायपुर: ढ़िमसा आंध्र प्रदेश का एक जनजातीय नृत्य है ।वैसे तो इसमें स्त्री और पुरुष चाहे वे किसी भी आयु के हो भाग लेते हैं, परंतु यह देखा गया है कि 15-20 युवतियों द्वारा ही समूह बनाकर किया जाता है। यह नृत्य विवाह के अवसर पर किया जाता है तथा साथ ही इसे दशहरा एवं अन्य अनुष्ठानिक अवसरों पर भी किए जाने की परंपरा है।
नृत्य करने वाली युवतियां चटक रंग के हरे, लाल, गुलाबी पीले रंग की साड़ियां पहनती हैं और अपने गले में श्रृंगार के लिए माला पहने रहती है। इस नृत्य में किरिडी, मोरी, दप्पू, टुडुमु और जोदुकोमुलु सहित इस नृत्य शैली के साथ अद्वितीय आदिवासी संगीत वाद्ययंत्र का वादन किया जाता है ,जिसे पुरुषों द्वारा बजाया जाता है।
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