जयपुर, 17 सितंबर। एम्स, जोधपुर का 15वां स्थापना दिवस गुरुवार को मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में हुई प्रगति और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
समारोह में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्य अतिथि तथा मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, जोधपुर के कुलपति डॉ. एम.के. असेरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम्स, जोधपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. गोवर्धन दत्त पुरी, डीन एकेडमिक्स प्रो. पंकजा रवि राघव, डीन रिसर्च प्रो. प्रदीप भाटिया, डीन एग्जामिनेशन प्रो. स्नेहा आर. अंबवानी, प्रिंसिपल स्कूल ऑफ नर्सिंग प्रो. सुरेश के. शर्मा, आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश अग्रवाल, संभागीय आयुक्त श्री कन्हैया लाल, जिला कलेक्टर श्री आलोक रंजन, डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. बी.एस. जोधा, उप निदेशक एम्स जोधपुर श्रीमती रश्मि ताहिल्यानी सहित वरिष्ठ संकाय सदस्य, चिकित्सक, नर्सिंग एवं अन्य कर्मचारी, शोधकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अलीजा मित्तल और डॉ. विधु शर्मा ने किया।
वी. श्रीनिवास ने सुशासन, डिजिटल एम्स और भविष्य की दिशा पर दिया जोर—
मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास ने एम्स जोधपुर की 15 वर्ष की यात्रा को अमृत काल और भारत के विकास के व्यापक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि संस्थानों को प्रभावी, उत्तरदायी और जवाबदेह बनाने के लिए “अधिकतम सुशासन, न्यूनतम सरकार” की भावना के अनुरूप कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य संवर्धन, अनुसंधान, नवाचार और मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने संस्थान निर्माण पर उन्होंने मजबूत संस्थागत व्यवस्था, पेशेवर नेतृत्व, स्वायत्तता, जवाबदेही और प्रभावी निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि संस्थान आने वाली पीढ़ियों तक मजबूती से कार्य कर सकें। उन्होंने डिजिटल एम्स को प्रशासनिक दक्षता, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने वैश्विक अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, ट्रांसलेशनल रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीकों पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने मजबूत रिसर्च नेटवर्क, क्लिनिकल कोहोर्ट, नवाचार प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से एम्स को वैश्विक चिकित्सा अनुसंधान एवं शिक्षा संस्थान के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।
श्री श्रीनिवास ने संस्थान के निर्माण में संकाय, चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की तकनीक-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार बताया। एम्स जोधपुर में ई-ऑफिस, ई-सुश्रुत HIS, ABHA से जुड़ी सेवाएं, पेशेंट कियोस्क और एनेस्थीसिया इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम सहित डिजिटल परिवर्तन की पहल की गई है। उन्होंने एम्स जोधपुर से अगले 15 वर्षों की दिशा में आगे बढ़ते हुए भावी पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संस्थान के निर्माण का आह्वान किया।
डॉ. एम.के. असेरी ने तकनीक के साथ मानवीय संवेदना पर दिया जोर—
विशिष्ट अतिथि डॉ. एम.के. असेरी ने एम्स जोधपुर को 15 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ-साथ भविष्य के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का भी है। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, स्नातकोत्तर एवं सुपर-स्पेशियलिटी शिक्षा, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल प्रशिक्षण तथा उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में एम्स जोधपुर की प्रगति को रेखांकित किया।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, प्रिसीजन मेडिसिन, जीनोमिक्स और डिजिटल हेल्थकेयर जैसी तकनीकों के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सा के भविष्य में तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने पर जोर दिया जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ संवेदनशील और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हों।
डॉ. असेरी ने भारत की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़े अनुसंधान, किफायती तकनीक, निवारक चिकित्सा, ग्रामीण एवं सामुदायिक स्वास्थ्य, उभरती बीमारियों और मरीज-केंद्रित सेवाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने एम्स जोधपुर, मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी और राजस्थान के अन्य संस्थानों के बीच शैक्षणिक साझेदारी, फैकल्टी सहयोग, अनुसंधान, विद्यार्थी विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने ईमानदारी, सहानुभूति, अनुशासन, निरंतर सीखने और मरीजों के प्रति सम्मान को चिकित्सा पेशे की आधारभूत विशेषताएं बताया। उन्होंने कहा कि अगले 15 वर्षों में लक्ष्य केवल एम्स जोधपुर को बड़ा बनाना नहीं, बल्कि परिणामों, अनुसंधान, शिक्षा, मरीजों के अनुभव और समाज के प्रति सेवा के मामले में बेहतर संस्थान बनाना होना चाहिए तथा वैश्विक स्तर के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए।
15 वर्षों में संस्थान का व्यापक विस्तार—
कार्यकारी निदेशक प्रो. गोवर्धन दत्त पुरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एम्स जोधपुर परिवार को 15 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के संदर्भ में संस्थान की यात्रा को रेखांकित करते हुए 31 जनवरी, 2004 को आधारशिला रखे जाने, 17 सितंबर 2012 को शैक्षणिक सत्र शुरू होने, 2013 में नर्सिंग शिक्षा की शुरुआत और इसके बाद शैक्षणिक एवं क्लिनिकल सेवाओं के विस्तार की जानकारी दी।
प्रो. पुरी ने एम्स जोधपुर के प्रारंभिक चरण में मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास के योगदान, विशेष रूप से संस्थान के लिए भूमि की पहचान में उनकी भूमिका को भी याद किया।
15 फैकल्टी सदस्यों और 50 एमबीबीएस विद्यार्थियों से शुरू हुआ एम्स जोधपुर आज लगभग 45 विभागों, 221 फैकल्टी सदस्यों, 1,500 से अधिक विद्यार्थियों और 3,000 से अधिक कर्मचारियों वाला व्यापक चिकित्सा संस्थान बन चुका है। उन्होंने संस्थान की प्रगति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की तथा स्थापना दिवस पर सम्मानित होने वाले सभी विद्यार्थियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
प्रो. पुरी ने कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा वर्षों के सतत परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता से बनती है। किसी संस्थान का ब्रांड केवल नाम से रातों-रात नहीं बनता, बल्कि इसे वर्षों तक फैकल्टी और रेजिडेंट्स की मेहनत से आकार मिलता है।
संस्थान में अब स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर-स्पेशियलिटी, डॉक्टोरल, एलाइड हेल्थ और इंटरडिसिप्लिनरी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इनमें आईआईटी जोधपुर के साथ संयुक्त मेडटेक कार्यक्रम भी शामिल है। हाल के वर्षों में न्यूरो एनेस्थीसिया एवं न्यूरो क्रिटिकल केयर, पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर एवं इमरजेंसी मेडिसिन, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी तथा कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर एनेस्थीसियोलॉजी में DM कार्यक्रम और 2025 में थोरेसिक एवं जनरल सर्जरी में M.Ch. कार्यक्रम शुरू किया गया।
क्लिनिकल सेवाओं और उन्नत उपचार सुविधाओं का विस्तार—
एम्स जोधपुर में ओपीडी सेवाएं 2013, आईपीडी सेवाएं 2014 और इमरजेंसी सेवाएं 2017 में शुरू हुईं। आज संस्थान में हर वर्ष 14 लाख से अधिक ओपीडी विजिट, लगभग 1.37 लाख आईपीडी भर्ती और 1.43 लाख से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं की जा रही हैं।
संस्थान ने एडल्ट एवं पीडियाट्रिक ECMO, प्रथम पीडियाट्रिक ECMO, 2,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी, 2025 में रोबोटिक रीनल ट्रांसप्लांटेशन की शुरुआत, 100 से अधिक एपिलेप्सी सर्जरी और 350 से अधिक कॉक्लियर इंप्लांट जैसी उन्नत सेवाएं विकसित की हैं। इसके अलावा आर्टेरियल स्विच सहित जटिल जन्मजात हृदय सर्जरी, ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल कार्डियक इंटरवेंशन और उन्नत एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी भी की जा रही हैं।
ट्रांसप्लांट सेवाओं में भी महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। फरवरी, 2024 में कैडेवरिक किडनी ट्रांसप्लांटेशन तथा मार्च, 2024 में डीसिज्ड डोनर किडनी और लिवर रिट्रीवल एवं ट्रांसप्लांटेशन की शुरुआत हुई। संस्थान में रीनल एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन, बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन, मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल और रोबोटिक रीनल ट्रांसप्लांटेशन जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।
अनुसंधान और नवाचार में उल्लेखनीय प्रगति—
अनुसंधान और नवाचार एम्स जोधपुर की प्रगति के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं। संस्थान की पूरी तरह कार्यशील सेंट्रल रिसर्च लैबोरेटरी क्लिनिकल मेटाबोलोमिक्स, प्रोटिओमिक्स और जीनोमिक्स सहित बेसिक एवं ट्रांसलेशनल रिसर्च को सहयोग प्रदान कर रही है।
वर्ष 2025–26 में संस्थान को ₹115 करोड़ से अधिक के एक्स्ट्राम्यूरल रिसर्च ग्रांट प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय एवं इंट्राम्यूरल रिसर्च सहयोग के साथ 31 पेटेंट दाखिल किए गए, जिनमें से पांच स्वीकृत हुए। संस्थान ने स्वास्थ्य सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रांसलेशनल रिसर्च पर केंद्रित AIIMS Jodhpur Innovation & Entrepreneurship Foundation की स्थापना भी की है।
अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान को DHR-ICMR Health Research Excellence Summit 2024 में Best Extramural Institute (Medical College), 2025 में 15 वर्ष से कम पुराने संस्थानों की श्रेणी में Clarivate India Research Excellence Citation Award तथा DEEP–Viksit Bharat Conclave में Gold Award for Best Technical Resource Centre सहित विभिन्न सम्मान प्राप्त हुए हैं।
डिजिटल हेल्थ और सामुदायिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर—
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत डिजिटल मेडिकल रेकार्ड, ऑनलाइन प्रणालियों और तकनीक-सक्षम क्लिनिकल सेवाओं को बढ़ावा दिया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ, मेडिकल टेक्नोलॉजी और उद्यमिता के क्षेत्र में आईआईटी जोधपुर के साथ MedTech Masters एवं PhD programme के माध्यम से सहयोग किया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थान ने Centre of Excellence for Tribal Health, ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, टेलीमेडिसिन और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है। ड्रोन आधारित मेडिकल केयर पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक चिकित्सा सामग्री एवं डायग्नोस्टिक सैंपल पहुंचाने के साथ टेली-कंसल्टेशन और डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आनुवंशिक विकारों, गैर-संचारी रोगों और कैंसर से संबंधित स्क्रीनिंग एवं जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस—
संस्थान सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को जटिल चिकित्सा एवं सर्जिकल प्रक्रियाओं सहित कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। फरवरी 2024 में शुरू किया गया जन औषधि केंद्र मरीजों को किफायती दवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
226 विद्यार्थियों और 15 कर्मचारियों का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में B.Sc. (Hons.) Nursing और MBBS के 226 विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। इनमें 2021, 2022, 2023 और 2024 बैच के 135 B.Sc. (Hons.) Nursing विद्यार्थी तथा 2021, 2023 और 2025 बैच के 91 MBBS विद्यार्थी शामिल रहे।
विद्यार्थियों को Gold और Silver Medals, Certificates of Excellence, Certificates of Honour और Book Prizes प्रदान किए गए। MBBS विद्यार्थियों को संबंधित परीक्षाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर Director’s Gold और Silver Medals तथा Book Prizes प्रदान किए गए।
इसके अलावा विभिन्न विभागों एवं कार्यक्षेत्रों से जुड़े 15 कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें नौ नर्सिंग कर्मी, चार जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, एक टेक्निकल असिस्टेंट और एक कैशियर शामिल रहे। सम्मानित कर्मचारियों ने Trauma & Emergency, Trauma OT, Emergency, D&T OT, OPD OT, Radiology, Microbiology, Accounts, Procurement, Recruitment Cell, Dean Research, AICU, OPD (Pain & Palliative Care) और Academics सहित विभिन्न इकाइयों में योगदान दिया।
समारोह में फैकल्टी, चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कर्मियों, शोधकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक योगदान को भी रेखांकित किया गया। औपचारिक कार्यक्रम का समापन डीन एग्जामिनेशन प्रो. स्नेहा आर. अंबवानी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यार्थियों और एम्स जोधपुर परिवार के सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
15 वर्षों की इस यात्रा ने एम्स जोधपुर की क्लिनिकल उत्कृष्टता, नवाचारपूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील मरीज देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। संस्थान आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ाने, उभरती तकनीकों को अपनाने और राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। एम्स जोधपुर का लक्ष्य उत्कृष्टता के साथ संवेदना, नवाचार के साथ सुलभता और उन्नत चिकित्सा विज्ञान के साथ समाज सेवा के मूल भाव को आगे बढ़ाना है।

