लोकसभा चुनावो में कांग्रेस प्रत्याशियों की लड़ाई भाजपा से नही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से है:केदार कश्यप

लखमा के खिलाफ आलाकमान को चिट्ठी पर बोले केदार कश्यप

रायपुर। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता शिवनारायण द्विवेदी द्वारा बस्तर संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री व विधायक कवासी लखमा को कांग्रेस उम्मीदवार घोषित नहीं करने की मांग के मद्देनजर कहा है कि कांग्रेस में अंतर्कलह चरमसीमा को लांघ चुकी है। श्री कश्यप ने कहा कि एक तो ले-देकर कांग्रेस ने बस्तर में प्रत्याशी घोषित किया है, उसे लेकर भी कांग्रेस के लोग ही विरोध में उतर आए हैं।

प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस अब कितनी लाचार और दयनीय दशा की शिकार हो चुकी है, इसका जीवंत प्रमाण यही है कि कांग्रेस पार्टी अब तक छत्तीसगढ़ में अपने पूरे प्रत्याशियों की घोषणा तक नहीं कर पाई है। कांग्रेस के जितने तथाकथित दिग्गज नेता थे, उनके खिलाफ कार्यकर्ता डटकर सामना कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी को लेकर सामने आए विरोध के बाद अब लखमा के खिलाफ मोर्चा खोल कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख रहे हैं।

श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता खुद ही कह रहे हैं कि उनके दिग्गज नेताओं ने बड़ा भ्रष्टाचार किया है। लखमा पर प्रभारी मंत्री रहते हुए बस्तर में कांग्रेस को सभी सीटों पर हराने और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लखमा के विरुद्ध ईओडब्ल्यू जाँच लंबित होने समेत कई गंभीर आरोपों का जिक्र कर कहा गया है कि लखमा ने बस्तर की जनता का हक़ लूटा है, बस्तर की गरीब जनता का हक उन्होंने मारा है, बस्तर को बदनाम करने का काम किया है और बस्तरिया लोगों का हक मार कर अपना घर भरने का काम किया है।

श्री कश्यप ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी और अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी जमानत तक बचाने के लाले पड़ जाएंगे।