रायपुर। छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां वार्षिक अधिवेशन 18 जनवरी को बूढ़ा तालाब स्थित सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया है। इस वार्षिक अधिवेशन में छत्तीसगढ़ के लगभग 22 जिलों की इकाइयो के 5000 सदस्य इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि करीब 400 साल पहले साल 1627 ईस्वी में मुगल बादशाह शाहजहां के आतंक से त्रस्त होकर अग्रवालों के पूर्वज छत्तीसगढ़ पहुंचे और यहां की संस्कृति और त्योहार को अपनाकर छत्तीसगढ़िया हो गए. अग्रवालों के पूर्वजों को छत्तीसगढ़ से जो भी मिला उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ के विकास में लगा दिया. छत्तीसगढ़ के विकास में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने भारी योगदान दिया है. आज से 50 साल पहले हमारे पूर्वजों ने उस छत्तीसगढ़ की कल्पना किया था, जो आज 25 साल पूरा कर चुका है. इन वर्षों में छत्तीसगढ़ की सभ्यता संस्कृति त्योहार और व्यवहार में अपना स्वतिरोहित कर दिया। छत्तीसगढ़ महतारी से जो प्यार दुलार मिला उसे दायित्व बोर्ड को हमारे समाज ने छत्तीसगढ़ में अनेकों शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सालय, तालाब, कुवे, धार्मिक स्थल का निर्माण कराया। छत्तीसगढ़ के लोगों ने हमें इन्हीं कर्म से दाऊ नाम का प्यार भरा संबोधन और सम्मान दिया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने से पहले ही अग्रवालों के पूर्वजों ने एक अलग संगठन बना लिया था. जिसके बाद छत्तीसगढ़ के विकास के लिए लगातार काम करने लगे. छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने जानकारी दी कि हमारा सदैव उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सामाजिक सांस्कृतिक समरसता व छत्तीसगढ़ विकास के लिए कार्य करना रहता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस वर्ष हमने छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता को समर्पित करते हुए देश के नामी कर्मियों को आमंत्रित कर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया है।
इस कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ मैं निवास रत हमारे आदिवासी, तेली, कुर्मी, यादव, सोनकर, निषाद सहित सभी छत्तीसगढ़ी भाइयों के साथ-साथ अन्य प्रति से आकर छत्तीसगढ़ को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले समस्त समाज को आमंत्रित किया जाएगा। व उन सबके साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के विकास और सामाजिक उन्नति के क्या प्रयासों इस हेतु चर्चा की जाएगी।
जिसमें राज्य के सामाजिक समरसता के लिए सभी समाज को चर्चा के लिए मंच पर लाना, वानप्रस्थ (वृद्धआश्रम) का निर्माण, यातायात व स्वास्थ्य विषयों पर जन जागरण जैसे मुद्दे रहेंगे. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मा. रमन सिंह जी रहेंगे. विसिहत अतिथि विजय जी अरुण जी भूपेश बघेल जी ब्रजमोहन जी, किरण देव जी, रायपुर की महापौर जी पांचो विधायक जी.
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति द्वारा आयोजित इस 50वें स्वर्ण समागम (केंद्रीय अधिवेशन) के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ की समरसता को समर्पित करने के लिए एक भव्य साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया है. इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देवास के सवस एवं संचालक श्री कवि डॉ. शशिकांत यादव, मेरठ के वीर रस कवि श्री डॉ. हरिओम पवार, बिहार के हास्य सम्राट कवि श्री शंभु शिखर, प्रतापगढ़ के पैरोडीकार श्री पार्थ नवीन, छत्तीसगढ़ के गीतकार श्री रमेश विश्वहास, आगरा की गीत-गजल कवि सुश्री योगिता चौहान और छत्तीसगढ़ के कवि श्री भरत द्विवेदी शामिल होने वाले हैं. इस कार्यक्रम का आयोजन रविवार 18 जनवरी 2026 को शाम 6:30 बजे से सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ा तालाब, रायपुर में होने वाला है. इस यादगार साहित्यिक संध्या के लिए छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज आप सभी को सादर आमंत्रित करता हैं.
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज महाराजा अग्रसेन के वंशज हैं, जो अपनी दानशीलता, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं, जिन्होंने रायपुर और छत्तीसगढ़ में कई धर्मशाला, गौशालाएं और कृषि विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं की स्थापना में मदद की है, और समाज शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता के लिए सक्रिय रूप से काम करता है.
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