रायपुर, 25 जनवरी 2026 : नगर पंचायत मल्हार में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने देउर मंदिर और पातालेश्वर मंदिर परिसर तथा संग्रहालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों की प्राचीन संरचना, मूर्तियों की स्थिति और संग्रहालय में रखे ऐतिहासिक अवशेषों का जायजा लिया। मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा संरक्षण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।यह निरीक्षण प्रदेश सरकार की सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मल्हार क्षेत्र अपनी प्राचीन मंदिरों और विरासत के लिए विख्यात है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है।निरीक्षण के बाद श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “सनातन, संस्कृति और विरासत के साथ जुड़े हुए हमारे सभी प्राचीन व ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन धरोहरों को न केवल संरक्षित कर रही है, बल्कि उन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भी ठोस कदम उठा रही हैं।
मंत्री ने निर्देश दिए कि मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा संग्रहालय को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाए ताकि पर्यटक इनकी वर्चुअल यात्रा कर सकें। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर इन्हें गाइड के रूप में तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
देउर मंदिर और पातालेश्वर मंदिर मल्हार के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो 9वीं-10वीं शताब्दी के निर्माण से जुड़े हैं। इन मंदिरों में उत्कृष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के नमूने मौजूद हैं, जो परंपराओं को जीवंत रखते हैं। संग्रहालय में रखे पुरातात्विक अवशेष क्षेत्र की गौरवशाली अतीत की कहानी बयां करते हैं।मंत्री के इस दौरे से स्थानीय निवासियों में उत्साह है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि इन स्थलों का बेहतर रखरखाव होने से पर्यटन बढ़ेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि निरीक्षण में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल किया जाएगा।
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