रायपुर। जनगणना 2027 के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगवा एवं जनगणना कार्य निदेशक छत्तीसगढ, नागरिक पंजीकरण निदेशक छत्तीसगढ़ कार्तिकेय गोयल ने आज जनगणना से संबंधित विषयों पर पत्रकारों से चर्चा की इस दौरान उन्होंने निम्नलिखित बाते बताई
1. भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। भारत में पहली जनगणना वर्ष 1872 में आयोजित की गई थी। यह देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग समय पर आयोजित किया गया था। 1881 में एक साथ पूरे देश की जनगणना संपादित हुई थी। 1872 के बाद से भारत की जनगणना 2027 इस श्रृंखला में 16 वीं और स्वतंत्रता के बाद 8 वीं होगी।
2. वर्तमान शताब्दी की तृतीय जनगणना वर्ष 2027 में संपादित की जानी है, जो राष्ट्र एवं राज्य के भावी विकास हेतु आधारभूत एवं विश्वसनीय आँकड़े उपलब्ध कराएगी। जनगणना गाँव, नगर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है।
3. जनगणना 2027 का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों यथा प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई से 30 मई, 2026 की अवधि में एवं द्वितीय चरण- जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी, 2027 में संपादित होगा।
4. जनगणना 2027 का कार्य देश में पहली बार डिजिटली कराया जाएगा, जिसमें स्व-गणना भी एक विकल्प होगा। प्रथम चरण हेतु स्व-गणना कार्य के लिए राज्य में मकानसूचीकरण कार्य प्रारम्भ होने के 15 दिन पूर्व की अवधि निर्धारित की गई है, जो कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक होगी। स्व-गणना विकल्प के तहत व्यक्ति अपनी जानकारी ऑनलाइन (se.census.gov.in) स्वयं भर सकते हैं। स्व-गणना प्रक्रिया में जानकारी भरने के पश्चात SE ID जेनरेट होगा, जिसे 01.05.2026 से 30.05.2026 के दौरान प्रगणक द्वारा घर-घर आने पर, SE ID को प्रगणक के साथ साझा किया जाना है। प्रगणक द्वारा पुष्टि के उपरांत ही मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण होगा। स्व-गणना ऐक्छिक है,
अनिवार्य नहीं। यदि किसी ने स्व-गणना नहीं किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। प्रगणक, 01 मई से 30 मई, 2026 तक की अवधि में घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे।
5. प्रगणक 01 से 30 मई, 2026 के मध्य घर-घर जाकर प्रत्येक मकान एवं उसमें निवासरत परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्न, जो कि मकानों कि स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाएं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित हैं, की जानकारी मोबाइल एप के द्वारा संकलित करेंगे।
6. जनगणना का कार्य जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संपादित किया जाता है। इन प्रावधानों के अनुसार जनगणना में संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा इसे किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। टैक्स, पुलिस या जांच में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल प्रदेश एवं देश के विकास की योजनाएं बनाने हेतु किया जाता है।
7. राज्य में इस कार्य हेतु लगभग 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जिसमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 1,160 मास्टर ट्रेनर्स एवं फील्ड ट्रेनर्स, 51,300 प्रगनक एवं 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
8. राज्य में जनगणना 2027 का कार्य 33 जिले, 195 नगरीय निकाय एवं 252 तहसीलों के अंतर्गत 19,978 ग्रामों में संपादित कराये जाएंगे। जनगणना कार्य संपादित करने के लिए राज्य में 251 ग्रामीण चार्ज एवं 221 नगरीय चार्ज हैं। इन चार्जों के अंतर्गत लगभग 49,000 मकानसूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। इन मकानसूचीकरण ब्लॉकों में प्रगणकों के द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण का कार्य संपादित किया जाएगा।
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9. जनगणना 2027 कार्य के लिए जन सामान्य हेतु जनगणना से संबन्धित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 स्थापित किया गया है, जो कि छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 16.04.2026 से कार्यशील हो जाएगा।

