नेशनल लोक अदालत में कवर्धा में 31 हजार से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण, बिछड़े परिवारों में लौटी खुशियां

रायपुर, 09 मई 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य में आज 9 मई को तालुका न्यायालय के स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ में आयोजित इस नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायमूर्ति महोदय श्री रमेश सिन्हा, के द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। जिसके पश्चात जिला कबीरधाम में आयोजित इस नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कु० संघरत्ना भतपहरी के द्वारा उक्त नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया ।

नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने सेल्फी प्वाइंट तथा स्वास्थ्य शिविर की भव्यता नेशनल लोक अदालत में देखते ही बन रही थी। जिला न्यायालय के प्रवेश द्वार पर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जिसमे पक्षकार अपनी मनमोहक फोटो तस्वीरों के माध्यम से जीवंत रख रहे थे। इस दौरान न्यायालय परिसर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में आये हुए पक्षकारों द्वारा स्वास्थ्य लाभ भी लिया जा रहा था।

उक्त लोक अदालत में जिले में कुल 11 खण्डपीठ गठित किया गया था, जिसमें से 10 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम तथा 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। जिसमें राजीनामा योग्य समस्त दाण्डिक मामले, चेक बाउन्स के प्रकरण, समस्त प्रकार के व्यवहार वाद प्रकरण, मोटर दुर्घटना से उत्पन्न दावा प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण, इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व वाद प्रकरण) यथा बिजली बिल, दूरभाष, बैंक लोन, जल कर से संबंधित प्रकरण रखे गये थे।

उल्लेखनीय है कि, नेशनल लोक अदालत के खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कबीरधाम कु० संघरत्ना भतपहरी द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में कुल 28,60,000/- रूपये का अवार्ड राशि पारित किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 02 में परिवार न्यायालय कबीरधाम में पीठासीन अधिकारी श्री प्रवीण कुमार प्रधान, द्वारा परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण में कुल 25 प्रकरण का निराकरण करते हुए वैवाहिक संबंधों में मधुरता स्थापित करते हुए सुखद दाम्पत्य का पुर्नस्थापन किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 03 में पीठासीन अधिकारी श्रीमती योगिता विनय वासनिक द्वारा विद्युत प्रकरण में कुल 2,78,997/- रूपये राशि का वसूली करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया। इसी अनुक्रम में राजस्व न्यायालय में कुल 22589 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए लाभान्वित हितग्राहियों को कुल 10,38,17,286/- रूपये का निराकरण किया गया। इस प्रकार जिला कबीरधाम अंतर्गत परिवार न्यायालय, कबीरधाम में उक्त लोक अदालत में वैवाहिक प्रकरणों में 25 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1,35,900/- रूपये का निराकरण, नगर पालिका कबीरधाम द्वारा जलकर तथा अन्य कर से संबंधित मामलों में 184 प्रकरण में 1,20,107/-रूपये की वसूली की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 31734 लंबित प्रकरण में कुल 10,77,03,433 /- रूपये का निराकरण किया गया।

लोक अदालत के माध्यम से शराब के कारण बिखर चुके परिवार का हुआ एकीकरण

परिवार न्यायालय कबीरधाम में शराबी पति के शराब पीकर अपनी पत्नी तथा 02 बच्चों को परेशान किया जाता था तथा आय के सभी राशि को शराब में ही खर्च कर दिया जाता था। जिससे उस पत्नी द्वारा अपने तथा अपने दो बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति से अलग रहकर पति से भरण-पोषण प्राप्त करने हेतु मुकदमा परिवार न्यायालय में संस्थित किया गया था। जिससे पीठासीन अधिकारी के द्वारा उभय पक्षों से बातचीत कर कौटुम्बिक विवाद के वैकल्पिक समाधान के सभी माध्यमों से अवगत कराया गया जिससे उक्त दम्पत्ति द्वारा एक साथ–साथ रहकर जीवन यापन करना स्वीकार किया गया। इस प्रकार विभक्त हो चुके परिवार का एकीकरण लोक अदालत के माध्यम से साकार हुआ।

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वहीं परिवार न्यायालय में एक अन्य मामले में एक नवविवाहित दम्पत्ति जिनका विवाह वर्ष 2025 में संपन्न हुआ था। उनके मध्य मात्र 20-25 दिन बाद से ही उनके बीच विवाद होने से वह दोनों एक-दूसरे से अलग रहने लगे थे और पत्नी द्वारा अपने पति के विरूद्ध परिवार न्यायालय, कबीरधाम में मामला प्रस्तुत किया गया था। परिवार न्यायालय के पीठासीन न्यायाधीश के द्वारा उनके मध्य परामर्श कार्यवाही की गई, जिससे वह दोनो पति-पत्नी द्वारा उनके मध्य उत्पन्न सभी विवादों को भुलाकर पुनः एक साथ रहने हेतु सहमति प्रदान की गई। इस प्रकार दाम्पत्य जीवन में पुनः समझौता के आधार पर खुशहाल जीवन का एकीकरण संपन्न हुआ।