विकास यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 32 गांवों को दी पेयजल की सौगात

कोसारटेडा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना 29 गांवों के 57 हजार 500 से अधिक लोगों के लिए हो गई शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास यात्रा में बस्तर जिले के बस्तर और बकावंड विकास खण्ड के 32 गांवों के लगभग 62 हजार 500 से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल की सौगात दी। मुख्यमंत्री विकास यात्रा के प्रथम चरण के दूसरे दिन 13 मई को विकास रथ से बस्तर विकास खण्ड के भानपुरी पहुंचे और वहां स्वागत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इसी समारोह में 50 करोड़ 96 लाख रूपए लागत की चार जल प्रदाय योजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें कोसारटेडा ग्रामीण समूह जल योजना, छिंदगांव नल जल योजना, बड़े आमाबेल नलजल योजना और पाहूरबेल नलजल योजना शामिल हैं। इस समारोह में राजस्व मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कोसारटेडा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना में 49 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत आयी है। इस योजना से कोसारटेडा सिंचाई जलाशय से बस्तर विकासखण्ड के 29 गांवों के 57 हजार 500 से अधिक जनसंख्या को पेयजल और निस्तारी की सुविधा मिल रही है। योजना से खड़का, जामगांव, बाकेल, बेसोली, देवड़ा, सोनारपाल, सिवनी, विश्रामपुरी, भानपुरी, तारागांव, मंजुला, करणडोला, बोदनपाल, तुरपुरा, पल्लीभाठा, केषरपाल, नाहरनी मुरकुची, कुमली, फाफनी, पिपलावंड, सितलावंड, माउलीगुड़ा, सालेमेटा, चुरावंड एक-दो खंडसरा, सोरगांव, नंदपुरा और बनियागांव के लोगों को पेयजल और निस्तारी की चिंता से मुक्ति मिल गई है। इन गांवों में पाईप लाईन बिछाकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इनमें से 16 गांवों में उच्च स्तरीय पानी टंकी बनायी गयी है। कोसारटेडा जलाशय के पास जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। यहीं पर सम्पवेल कम पम्प हाउस बनाया गया है। सभी गांवों में पानी की आपूर्ति करने 238 किलो मीटर पाईप लाईन बिछाई गई है। तीन रॉ वाटर पम्प और तीन साफ पानी पम्प लगाए गए हैं। योजना के संचालन में लगे कर्मचारियों के लिए आठ क्वार्टर भी बनाए गए हैं। इस योजना के लिए 100 के.व्ही0 का ट्रांसफार्मर अलग से लगाया गया है।
छिंदगांव नल जल योजना (विकास खण्ड बकावंड) से छिंदगांव के 17 सौ से अधिक आबादी को साफ पानी मिल रहा है। इस योजना में 42 लाख 82 हजार रूपए की लागत आयी है। बडे़ आमाबेल नल जल योजना का निर्माण 39 लाख 37 हजार रूपए से किया गया हैै। इससे बड़े आमाबेल गांव के लगभग 16 सौ लोग लाभांवित हो रहे हैं। पाहूरबेल गांव में 38 लाख रूपए की लागत से नल जल योजना को निर्माण किया गया है। पाहूरबेल के 15 सौ की जनसंख्या को पीने और निस्तारी के लिए पानी दिया जा रहा है।

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