चिकित्सक मुख्यमंत्री की सरकार में बदहाल है स्वास्थ्य सेवाएं : कांग्रेस

रायपुर/ छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल की स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक अपनी सेवाएं मजबूरी में देना चाहते हैं, यह सिस्टम की कमजोरी से नहीं हो रहा है बल्कि सरकार की नाकामी इसके लिए जिम्मेदार है। राज्य में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, नई भर्ती नहीं हो पा रही है। सीमित संविदा डॉक्टरों के भरोसे जिला अस्पतालों सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। चिकित्सक मुख्यमंत्री की सरकार में केवल दो संविदा चिकित्सकों के भरोसे धमतरी जिला अस्पताल चल रहा है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री इसी जिले से चुनकर आते हैं। राज्य का दुर्भाग्य है कि स्वास्थ्य मंत्री को लोगों की बीमारी और गरीबों की विवशता से कोई लेना-देना नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि यह विडंबना ही है कि स्वास्थ्य मंत्री के जिले में हजारों मरीजों के उपचार की एकमात्र उम्मीद जिला अस्पताल ही चिकित्सकों की कमी का मोहताज है। चिकित्सक मुख्यमंत्री के राज्य में इस तरह की दिक्कतों से लोगों में हैरानी है कि मुख्यमंत्री को ऐसा विभाग स्वयं रखकर बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की दिशा में काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री को ऊर्जा एवं खनिज विभाग में चिपके रहने का क्या औचित्य है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति घोर लापरवाही बरती जा रही है, जो निंदनीय है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य बजट का दुरुपयोग हो रहा है तथा मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई बरती जा रही है। स्मार्ट कार्ड के बेजा इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को यथावत रखा गया है। ताकि निजी अस्पतालों की ओर मरीज रुख करे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बदनाम इस सरकार से बेहतरी की उम्मीद करना बेमानी है। यहां प्रत्येक व्यक्ति का जीवन कठिनाइयों में, असुरक्षा में और असुगमता में बीत रहा है, जो सरकार की नाकामी को उजागर करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *