रांची    : यदि कल्याण विभाग के विभिन्न आवासीय विद्यालयों से मांग हुई, तो इंजीनियरिंग व मेडिकल के लिए भी कोचिंग की नि:शुल्क व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए संबंधित प्राचार्यों को उन विद्यार्थियों के नाम विभाग को उपलब्ध कराने होंगे, जो इसकी कोचिंग करना चाहते हैं. उक्त बातें कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी ने कहीं.
श्रीमती मरांडी सोमवार को सीसीएल के विचार मंच में आयोजित कल्याण सम्मान समारोह-2017 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं. इस मौके पर कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों के बच्चों को (जिन्होंने 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बेहतर उपलब्धि हासिल की) सम्मानित किया गया. मंत्री ने शिक्षकों से कहा कि जिन विद्यालयों में प्राचार्यों व शिक्षकों के लिए आवास बने हुए हैं, वहां उन्हें रहना होगा.
इससे पहले विभागीय सचिव हिमानी पांडेय ने कहा कि इस बार शिक्षकों को उनके विषयवार प्रदर्शन, प्रथम डिविजन तथा न्यूनतम 75 फीसदी प्राप्तांक वाले उनके छात्रों के आधार पर सम्मानित किया गया है. हिमानी ने एक किताब आउटलायर्स, द स्टोरी अॉफ सक्सेस को उद्धृत करते हुए कहा कि कोई इनसान किसी विषय में तभी बहुत बेहतर कर सकता है या संबंधित फील्ड का विशेषज्ञ बन सकता है, जिसने 18 वर्ष की उम्र तक संबंधित विषय या क्षेत्र के बारे में जानने में कम से कम 10 हजार घंटे लगाये हों. कार्यक्रम का संचालन राजश्री ने तथा धन्यवाद ज्ञापन विभाग के संयुक्त सचिव सीके सिंह ने किया.
प्रशस्ति पत्र, कैशलेस गिफ्ट कार्ड व मेडल दिये गये : सम्मानित होनेवाले बच्चों व शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, मेडल तथा बैंक अॉफ बड़ौदा की ओर से 6.9 लाख रुपये वैल्यू के 185 कैशलेस गिफ्ट कार्ड दिये गये. यह स्वाइप कार्ड है, जिसे उसके साथ दिये गये पिन नंबर की सहायता से एक वर्ष की समय सीमा तक उपयोग किया जा सकता है. राज्य स्तर पर तीन टॉपर्स को क्रमश: पांच हजार, चार हजार व तीन हजार रुपये के कार्ड तथा राज्य स्तर पर ही विषयवार तीन सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को क्रमश: 10 हजार, आठ हजार व पांच हजार रुपये के कार्ड दिये गये. वहीं प्रमंडल स्तर पर विषयवार टॉपर विद्यार्थियों को तीन-तीन हजार के तथा प्रमंडल स्तर पर ही 10वीं व 12वीं के तीन-तीन टॉपर्स को क्रमश: पांच, चार व तीन हजार के कार्ड दिये गये.