जयपुर/भरतपुर, 05 अक्टूबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को भरतपुर विजिट के दौरान जिला मुख्यालय स्थित पशुपालन विभाग के पॉलिक्लिनिक का निरीक्षण कर पशुधन के उपचार के लिए दी जा रही सुविधाओं एवं लम्पी से प्रभावित गौवंश के इलाज की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय एवं क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला का निरीक्षण कर पशुपालकों को सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए उन्नत पशुपालन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में आने वाले श्वान, गाय, भैंस एवं अन्य पशुओं के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था तथा रोग निदान संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लम्पी स्किन डिजीज से ग्रसित गोवंश के नियमित उपचार एवं रोग की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही बीमार पशुओं के लिए लिए जाने वाले सैम्पल एवं उनकी जांच प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सा सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय एवं क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला की साफ-सफाई एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने पशुओं को बेहतर उपचार एवं समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदान कर उन्नत नस्ल के पशुपालन के लिए प्रेरिक करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला कलक्टर कमर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर राहुल सैनी, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचन्द्र मीना, संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. खुशीराम मीना, संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार, उपनिदेशक पॉलीक्लीनिक डॉ. राजीव सिंघल सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

