रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर पुरानी बस्ती स्थित अति प्राचीन श्री राजराजेश्वरी भगवती मां श्री महामाया देवी मंदिर न्यास के तत्वाधान में 19 जनवरी से 26 जनवरी तक गुप्त नवरात्रि महोत्सव व श्रीमद् भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया गया है। इस कथा के प्रवचन कर्ता व्यासपीठ पर श्रध्देय मारूतिनंदनाचार्य वागीश जी महाराज मथुरा-वृंदावन वाले होंगे।
न्यास समिति के अध्यक्ष व्यास नारायण तिवारी, आयोजन समिति के समन्वय वरिष्ठ सदस्य चंद्रशेखर दुबे, न्यास समिति के सचिव दुर्गा प्रसाद पाठक एवं मंदिर व्यवस्थापक पं विजय कुमार झा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में मंदिर द्वारा आयोजित गुप्त नवरात्रि महोत्सव व श्रीमद् भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के संबंध में विस्तार से अवगत कराया है। न्यास समिति के अध्यक्ष श्री व्यास नारायण तिवारी ने बताया है कि विश्व विख्यात श्रध्देय मारूतिनंदनाचार्य श्री वागीश जी महाराज 18 जनवरी को संध्या 5 बजे इंडिगो विमान से माना विमानतल पहुंचेंगे। जहां भव्य स्वागत करते हुए, वाहनों की काफिला से उन्हें बाजे गाजे आतिशबाजी के साथ श्री महामाया देवी मंदिर परिसर स्थित गुरु सदन में लाएंगे।
19 जनवरी को प्रातः 9 बजे श्री महामाया देवी मंदिर प्रांगण से पूजा अर्चना पश्चात भव्य शोभायात्रा बाजा गाजा, माताजी के चरण पादुका, श्रीमद् भागवत् जी विशेष रथ सहित श्रध्देय मारूतिनंदनाचार्य श्री वागीश जी महाराज विशेष वाहन में फूलमालाओं से सुसज्जित आदिशक्ति भगवती श्री मां महामाया देवी जी के विशेष रथ के साथ नगर वासियों के दर्शनार्थ तय मार्ग से नगर भ्रमण करेंगे। शोभायात्रा
मंदिर परिसर से अमीन पारा थाना चौक, लीली चौक, लाखे नगर चौक, सारथी चौक, ब्राह्मण पारा, आजाद चौक, कंकाली चौक हनुमान मंदिर, होते हुए कंकाली तालाब से जल ग्रहण कर शीतला मंदिर होते हुए मंदिर परिसर स्थित कथा स्थल वापस पहुंचेगी। तत्पश्चात पीठ पूजन व श्रीमद् भागवत् कथा का प्रारंभ प्रथम दिन दोपहर 2 बजे से संध्या 6 बजे तक महात्म्य कथा से प्रारंभ होगी। गुप्त नवरात्रि महोत्सव व श्रीमद् भागवत् कथा के आयोजन समिति के समन्वयक न्यास समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री चंद्रशेखर दुबे ने बताया है कि प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से संध्या 6 बजे तक श्रीमद् भागवत् कथा, दीप प्रज्ज्वलन, संध्या आरती, तपश्चात प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।
26 जनवरी को मंदिर प्रांगण में पूजन हवन पश्चात भंडारा प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन संपन्न होने वाले विभिन्न कथाओं में श्री ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, श्री नृसिंह अवतार, श्री वामन अवतार, श्री रामावतार, भगवती आदि श्री महामाया देवी प्राकट्य, श्री कृष्णावतार, गिरिराज पूजन, श्री कृष्ण बाललीला, श्री रुक्मणी विवाह, रासलीला प्रसंग, श्री उद्धव संवाद, श्री सुदामा चरित्र जैसी विभिन्न कथाओं का सचित्र दर्शन झांकी, सुमधुर भजन संगीत व कथा रसपान श्रध्देय मारूतिनंदनाचार्य श्री वागीश जी महाराज के द्वारा श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।
मंदिर व्यवस्थापक पं विजय कुमार झा ने बताया कि श्री मंदिर ट्रस्ट द्वारा देश-विदेश के श्रद्धालुओं को डीजिटल लाइजेशन के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई गई है इसके अंतर्गत www.mahamayaraipur.in नामक वेबसाईट से दान, तेल ज्योति शुल्क आदि आनलाईन जमा करने सहित नित्य श्रृंगार दर्शन का लाभलिया जा सकता है। उन्होंने शोभा यात्रा व कथा स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु भक्तगणों को मंदिर में पधारकर कथा का रसपान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य करने की अपील की है।
न्यास के सचिव दुर्गा प्रसाद पाठक ने कहा है कि संपूर्ण कार्यक्रम व्यवस्था, कानून व्यवस्था, दर्शनार्थियों की जन भागीदारी तथा समर्पित कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह विशाल आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी के प्रत्यक्ष परोक्ष भागीदारी व सहयोग रूपी भागीरथी प्रयास की अपेक्षा न्यास करती है। जिसमें महत्वपूर्ण भूमिका प्रेस मीडिया, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राष्ट्र, राज्य, तथा नगर के निवासियों के हितार्थ सर्व जन सुखाय- सर्व जन हिताय उद्देश्य, सुख शांति, वैभव, आध्यात्मिक शांति, मनोकामना पूर्ण करने कल्याणकारी आयोजन श्री महामाया देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास निरंतर करते आ रहा है। पूर्व में न्यास द्वारा दो बार शुतचण्डी यज्ञ, शहस्त्र चण्डी यज्ञ, देवी भागवत्, रूद्र यज्ञ, रामकथा आदि का आयोजन कर चुकी है।
वर्तमान इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन प्रभारी विजय शंकर अग्रवाल, सत्यनारायण अग्रवाल, कुंजलाल यदु, कृपाराम यदु, उपेंद्र शुक्ला, महेंद्र कुमार पांडेय, सूरज कुमार फूटान, शिबू बिहारी शुक्ला, नितिन तिवारी सब के सहयोग की अपेक्षा की है।
आप लोगों के माध्यम से संवेदनशील छत्तीसगढ़ शासन को नगरवासियों के मांग के दृष्टिगत अति प्राचीन श्री शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर रायपुर को शासन के शक्तिपीठ परियोजना अन्तर्गत शामिल किये जाने हेतु निवेदन करता है। इस परियोजना में शामिल होने से आसपास के प्राचीन देव स्थल श्री कंकाली मंदिर, श्री शीतला मंदिर, श्री दंतेश्वरी मंदिर, श्री संतबहनिया मंदिर, श्री दूधाधारी मठ, श्री जैतूसाव मठ भी लाभान्वित होकर क्षेत्र वासियों के रोजगार अर्जित करने में सहायक होंगे।
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